ज़रई क़वानीन के ख़िलाफ़ सड़क से पार्लीमैंट तक एहतिजाज की गूंज जींद में किसानों की महा पंचायत । वक़ार का सवाल ना बनाएँ ,हुकूमत वापिस ले ज़रई क़वानीन:नबी आज़ाद

नई दिल्ली 3 फरवरी (शकील अहमद रहमानी)मोदी हुकूमत के ज़रई क़वानीन के ख़िलाफ़ आज सड़क से पार्लीमैंट तक एहतिजाज की गूंज सुनाई दी । इस क़वानीन के ख़िलाफ़ गुज़श्ता70दिनों से दिल्ली की सरहदों पर डटे हैं । ग़ाज़ी आबाद बॉर्डर ,संघो बॉर्डर,टिकरी बॉर्डर की सड़कों पर एकतरफ किसान ज़रई क़वानीन की वापसी का मुतालिबा कर रहे हैं वहीं पार्लीमैंट में अप्पोज़ीशन ने किसानों की हिमायत में ज़रई क़वानीन के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद किया । किसानों की हिमायत में जगह जगह पंचायत हो रही है । ज़रई क़वानीन के ख़िलाफ़ आज हरियाणा के जींद में महा पंचायत बुलाई गई जिसमें हज़ारों किसान शामिल हुए ,किसानों की रिकार्ड भीड़ जमा हुई ,स्टेज पर इतने लोग चढ़ गए कि स्टेज टूट गया ,मुशतर्का किसान यूनीयन के तर्जुमान राकेश टिकैत भी इस महा पंचायत में शरीक हुए ,उन्होंने कहा घबराने की ज़रूरत नहीं है किसानों की लड़ाई मज़बूती से लड़ी जा रही है ।2021नौजवान इन्क़िलाब का साल है ,जब राजा डरता है तो क़िला बंदी करता है ,दिल्ली में कीलें लगाई जा रही हैं ,अभी बिल वापसी की बात की जा रही है गद्दी वापसी की बात करेंगे तो क्या करेंगे । किसानों की महा पंचायत में जहां एकतरफ किसान तहरीक के आगे की पालिसी तै की गई वहीं खाप पंचायतों ने फ़ैसला किया गया कहीम एस पी समेत तीनों ज़रई क़वानीन वापिस ले हुकूमत ,गिरफ़्तार लोगों को रिहा करे । आज राज्य सभा में ज़रई क़वानीन पर बेहस भी हुई । अप्पोज़ीशन लीडर और कांग्रेस के सिऩ्योर रहनुमा ग़ुलाम नबी आज़ाद ने हुकूमत से ज़रई क़वानीन वापिस लेने की अपील की । वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि ज़रई क़वानीन को हुकूमत अपने वक़ार का सवाल ना बनाए । यौम जमहूरीया पर किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल क़िला में हुए तशद्दुद की सख़्त मुज़म्मत करते हुए ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि क़सूरवार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करनी चाहीए वहीं बेक़सूर किसानों को निशाना नहीं बनाया जाये । उन्होंने कहा कि वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी को ख़ुद उन क़वानीन को वापिस लेने का ऐलान करना चाहीए । किसानों की तहरीक में गुमशुदा लोगों का पता लगाने के लिए कमेटी की तशकील की जानी चाहीए । तिरंगे की तौहीन काबिल-ए-मुज़म्मत है किसान मलिक की सबसे बड़ी ताक़त हैं वो अंग्रेज़ों के ज़माने से ही जद्द-ओ-जहद कर रहे हैं और किसानों ने अंग्रेज़ों को मुतालिबात मानने पर मजबूर किया । कश्मीर को सूबा का दर्जा वापिस किया जाना चाहीए ,वहां इंतिख़ाब किराया जाये । समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव ने कहा कि हुकूमत को किसानों की बात सुननी चाहीए । नाराज़गी ज़ाहिर करते उन्होंने कहा ग़ाज़ी पूर बॉर्डर पर जो सैक्योरिटी का इंतिज़ाम है ऐसा तो पाकिस्तानी बॉर्डर पर भी नहीं है ,कंक्रीट की दीवारें बनादी गई हैं ,हुकूमत ज़रई क़वानीन वापिस ले । वहीं किसानों की हिमायत में नारा लगाने पर राज्य सभा से आम आदमी पार्टी के तीनों लीडर संजय सिंह ,सुशील गुप्ता और उन डी गुप्ता को एक दिन के लिए मुअत्तल किया गया है