दिल्लीः जान की परवाह न कर सिपाही ने बचाई चार लोगों की जान, पीड़ितों में दो बुजुर्ग दंपती

 

सुषमा रानी
नई दिल्ली 9 फरवरी।ग्रेटर कैलाश-1 थाने में तैनात सिपाही विक्रम सिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग में फंसे बुजुर्ग दंपती समेत चार लोगों की जान बचा ली। एक महिला अपने सामान को बचाने के लिए फिर से घर में घुस गई थी, जबकि घर में आग फैली हुई थी। सिपाही ने फिर से महिला को बचाया, लेकिन वह खुद गिरकर घायल हो गया। सिपाही की बहादुरी के लिए दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने उसे उचित इनाम देने की घोषणा की है।

डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि ग्रेटर कैलाश-1 में मकान नंबर एन-170 में प्रथम तल पर रविवार दोपहर को 12 बजे आग लग गई थी। सिपाही विक्रम सिंह इलाके में गश्त कर रहा था। शोर-शराबा सुनकर वह मौके पर पहुंच गया। सिपाही ने मौके पर पहुंचकर हालात की जानकारी ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष रितेश कुमार को दी। इसके बाद सिपाही विक्रम सिंह ने सबसे पहले ब्लॉक के बाहर मेन रोड पर लगे ताले को हथौड़े से तोड़ा।

इसके बाद बिल्डिंग की बिजली काट दी और पीएनजी गैस का कनेक्शन काटा। वह पहली मंजिल पर पहुंचा, तो वहां पर अनुराग व उनकी पत्नी भरतीय फंसे हुए थे। उन्होंने हाथ पकड़कर अनुराग को बाहर खींचा। अनुराग के बाल जल गए थे। सामान बचाने के चक्कर में उनकी पत्नी बाहर नहीं आ रही थी। विक्रम सिंह ने महिला को बाहर खींचा तो उन्होंने दरवाजा पकड़ लिया।

वह उठाकर महिला को बाहर ले आए, तभी मकान की छत व पंखा गिर गया। वह महिला को नीचे लेकर आए, तो बताया कि करीब 90 वर्षीय बुजुर्ग दंपती छत पर फंसे हुए हैं। विक्रम सिंह फिर छत पर पहुंचे। उन्हें वृद्धा को उठाकर अपने कंधे पर रखा और बुजुर्ग का हाथ पकड़कर दोनों को नीचे ले आए। नीचे आकर पता लगा कि भरतीय महिला फिर अपने घर में चली गई है। वह फिर पहली मंजिल पर पहुंचे और महिला को उठाकर बाहर ले गए। साथ में वह महिला की दो कारों की चाबी भी ले आए। कारों को बिल्डिंग परिसर से बाहर निकाला।