एमसीडी वार्ड उप चुनाव के रिजल्ट आज घोषित

नई दिल्ली ‌3मार्च (मनोज टंडन) एमसीडी वार्ड उप चुनाव के रिजल्ट आज घोषित कर दिए गए। पांच वार्ड में से चार वार्ड पर आम आदमी पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की। बीजेपी का उपचुनाव में सुपड़ा साफ हो गया। वहीं एक वार्ड पर कांग्रेस ने अपनी जीत दर्ज कराई है। चौहान बांगड़ वार्ड पर चौधरी मतीन अहमद के बेटे चौधरी जुबेर अहमद ने जीत हासिल कर अपनी सियासी पारी की शुरुआत की है। चौधरी जुबेर अहमद को 10642 वोट मिले जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार पूर्व विधायक रहे हाजी इसराक ख़ान को कुल 5561 वोट मिले।
चौहान बांगड़ वार्ड पर कांग्रेस की जीत अपने आप में एक बहुत बड़ा इशारा करती हैं, एक बहुत बड़ा प्रश्न उठाती हैं? क्या आम आदमी पार्टी के खिलाफ मुस्लिम समुदाय ने यहां हुए उपचुनाव में अपना गुस्सा जाहिर किया है । दरअसल पिछले साल इस इलाके में हुए दंगों और कोरोना काल में तबलीगी जमात पर लगाई तोहमतों के बाद आम आदमी पार्टी की चुप्पी और तबलीगी जमात के मरकज के खिलाफ कार्रवाई आम आदमी पार्टी की चौहान बांगड़ वार्ड में हार का सबब बनी।
गौरतलब है कि सीलमपुर और आसपास केइलाके में पिछले साल दंगें हुए थे।इन दंगों में दंगाइयों ने मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया था।उस दौरान आम आदमी पार्टी के बड़े लीडर अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह वगैरह ने इस इलाके से दूरी बना ली थी। जबकि आम आदमी पार्टी को सत्ता पर बैठाने में मुस्लिम तबके का बहुत बड़ा हाथ था।आम आदमी पार्टी के लीडरों की इस बेरुखी से यहां का मुस्लिम समुदाय अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा था। मुस्लिम समुदाय दंगों के दर्द से उबरा भी नहीं था कि उसी दौरान कोरोना काल शुरू हो गया था। कोरोना काल में तबलीगी जमात को लेकर गोदी मीडिया ने दुष्प्रचार शुरू कर दिया था। वहीं केजरीवाल सरकार ने मरकज के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जमात से जुड़े हुए मरीजों के लिए अलग काॅलम बना दिया था। इसको लेकर मुस्लिम समुदाय के दिल में केजरीवाल सरकार के खिलाफ गुस्सा था। बस इसी गुस्से को कांग्रेस ने भुनाया।
चुनावों में प्रचार करते हुए पूर्व विधायक और कांग्रेस की लीडर अलका लांबा ने कहा था कि जब आप लोगों को केजरीवाल की जरूरत थी तब केजरीवाल गायब थे। उन्होंने तबलीगी जमात के मरकज को महामारी कोरोना के नाम पर बदनाम करने और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही थी। इसकी वजह से दिल्ली के बाहर दूसरे राज्यों में भी तबलीगी जमात के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। बस यही बातें यहां के मुस्लिम समुदाय के ज़ख्मों पर मरहम का काम कर गईं। और इसका रिजल्ट यह निकला कि चौहान बांगड़ वार्ड में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह,वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अमानुल्लाह ख़ान और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन जाकिर खान समेत कोई भी लीडर अपना जलवा नहीं दिखा पाए। आलम यह हुआ कि आम आदमी पार्टी मुस्लिम समुदाय के गुस्से का शिकार बन ही गई।
दिल्ली की सियासत में आने वाले दिनों में यह एक बड़ा बदलाव सिद्ध होगा। अगर आम आदमी पार्टी जल्द ही मुस्लिम वोटों को नहीं संभाल पाई तो आने वाले वक्त में कांग्रेस फिर से मुस्लिम वोटरों का दिल जीत कर दिल्ली की सियासत में वापसी कर सकतीं हैं