नई शराब नीति से एक हज़ार करोड़ का घोटाला-आदेश गुप्ता

  मनोज टंडन नई दिल्ली, 30 मार्च। प्रदेश भाजपा अध्यक्षआदेश गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आज प्रदेश कार्यालय में हुए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल सरकार की नई शराब नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा दिल्ली को ‘शराब की राजधानी’ नहीं बनने देगी और इसके लिए एक भी नई शराब की दुकान नहीं खुलने देगी। प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश महामंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अशोक गोयल देवराहा, प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख नवीन कुमार, प्रदेश प्रवक्ता हरीश खुराना और प्रवीण शंकर कपूर उपस्थित रहे। आदेश गुप्ता ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार द्वारा शराब की नई नीति केवल आम आदमी पार्टी और सरकार का फंड बढ़ाने के लिए लाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ही झटके में शराब का कमीशन बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया और इस तरीके से पार्टी के लिए एक हजार करोड़ रुपये का फंड जुटाने का खेल कर लिया गया है। आदेश गुप्ता ने कहा कि इस समय दिल्ली में 639 शराब की दुकानें हैं जिसे प्रत्येक निगम वार्ड में तीन दुकानों के हिसाब से 850 तक बढ़ाने का इरादा है। उन्होंने कहा कि अभी तक 80 से ज्यादा ऐसे क्षेत्र हैं जहां शराब की कोई दुकान नहीं, लेकिन अब वहां भी शराब बेची जाएगी। श्री गुप्ता ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार 5 नए स्कूल खोलने जा रही है जहां पर इस बात का प्रशिक्षण दिया जाएगा कि शराब कैसे पी जाए। उन्होंने कहा कि शराब को सरकार बढ़ावा नहीं देगी, यह नियम सभी पर लागू होता है, लेकिन अब सरकार ही शराब का बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन देगी। श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार विशेषकर दिल्ली की युवा पीढ़ी को शराब में डूबा देना चाहती है और इसके विरोध में भाजपा एक भी शराब की नई दुकान खुलने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह नीति राजस्व बढ़ाने की नहीं बल्कि दिल्ली को नशे में झोंकने की है। लगता है कि अरविन्द केजरीवाल उन अंतर्राष्ट्रीय ताकतों का शिकार हो गए हैं जो चाहती है कि भारत की युवा शक्ति को बर्बाद कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि गांधी का नाम लेने और तिरंगे को हाथ में लेकर देश की बात करने वाले आप नेता केवल चुनावों के लिए धन एकत्र करने के लिए इस स्तर पर पहुंच जाएंगे, इस पर आश्चर्य होता है। नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि नई आबकारी नीति को अगर वापस नहीं लिया गया तो भाजपा दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल दोनों का घेराव करेगी। अभी तक लोगों को अच्छी क्वालिटी की शराब मिले, इसकी जांच सरकारी एजेंसियां किया करती थी, लेकिन अब उसकी गुणवत्ता और नकलीपन की जांच का काम भी उन्हीं ठेके के मालिकों के जिम्मे होगी जो शराब बेचेंगे। भाजपा केजरीवाल सरकार की नई शराब नीति का हर स्तर पर विरोध करेंगी और यह लागू न हो इसके लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा शुरु से ही नई शराब नीति को लेकर शंकित थी क्योंकि इसमें भ्रष्टाचारी बू आ रही है।