मौतों वाला ट्वीट

आकिल हुसैन ।
फिल्में समाज को आईना देखने का काम करती है। जिसमें फिल्म अभिनेता एवं अभिनेत्री का अहम रोल रहता है। परंतू चुनाव में टीएमसी की बड़ी जीत एवं भाजपा की करारी शिकस्त के बाद बंगाल में हुए हिंसा पर फिल्म की एक अभिनेत्री समाज को हिन्दु-मुस्लिम की परिभाषा सिखने के साथ-साथ देश के संविधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को 2000 दशक के शुआत वाला विराट रूप देखाने की बात अपने ट्विटर हेंडल से करती है। जिसके बाद ट्विटर ने उस अभिनेत्री का ट्विटर एकाउंट बंद कर दिया। उसके बाद बंगाल में हिंसा और तेज हुई। ऐसा लग रहा था कि फिल्म अभिनेत्री एवं भाजपा की बंगाल को 2002 जैसा गुजरात बनाने की योजना बनी थी। परंतु उस योजना पर ममता बनर्जी ने पानी फेर दिया। जी हां! समाज में जागरूकता लाने में के साथ मनोरंजन के लिए कई फिल्में बना चुकी फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत की हम बात कर रहेे हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनाव हारने के बाद हुई हिंसा के बाद फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने कई नफरत भरे ट्विट किए। कंगना के कई लगातार विवादित ट्विट देखने के बाद ट्विटर ने कंगना रनौत का ट्विटर एकाउंट बंद कर दिया। कंगना रनौत का असल मकसद था कि  से वर्ष 2002 में गुजरात में दंगे हुए थे। जिसमें कितने बेकसुरों की जानेे चली गई थी। वैसे ही हालात उत्पन्न करानेे का इसारा कंगना रनौत कर रही थी। अगर ऐसा नही था तो बंगाल में हुए हिंसा को लेकर कंगना रनौत सिधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का का नाम लेते हुए कहती है कि मोदी जी ”ये भयानक है,इस गुंडई को खत्म करने के लिए हमें इससे भी बड़े लेवल पर गुंडई दिखाने की जरूरत है। वो (ममता) एक दानव की तरह हैं जिसे खुला छोड़ दिया गया है। मोदी जी,उन्हें काबू करने के लिए कृपया अपना 2000 के दशक की शुरुआत वाला विराट रूप दिखाइए.”।
वर्ष 2002 गुजरात दंगे देश एवं दुनिया ने देखा था। उसकी कहानी सुनते ही दिल दहल जाता है। गुजरात के गोधरा में 27 फरवरी 2002 की सुबह हुए दंगे में कितने मासुमों की जाने चली गई थी। कितने को जिंदा जला दिया गया था। जिसमें दो हजार से अधिक जाने चली गई थी। परंतू सरकारी आकड़ों के अुनसार-790 मुस्लिम एवं 254 हिन्दु की मौते हुई थी। जिसके बाद कितने परिवार गोधरा शहर छोड़कर चले गए। क्या बंगाल को भी फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत गुजरात बनाने चाह रही थी।
वर्ष 2002 में उस समय नरेन्द्र मोदी ही गुजरात के सीएम थे। तथा गुजरात दंगे होने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वः अटल बिहारी वाजपये ने नरेन्द्र मोदी से राजधर्म निभाने को कहा था। सीएम रहते नरेन्द्र मोदी राजधर्म नही निभा पाए थे। परंतू बतौर पीएम रहते नरेन्द्र मोदी राजधर्म निभाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा कड़ी सुरक्षा वाली कंगना रतौर ने पीएम को 2000 दशक के शुरूआत वाला विराट रूप देखने की बात कहकर फिर से एक बार मोदी जी को कटघरे में खड़ा कर दिया। जबकि नरेन्द्र मोदी को कोर्ट से क्लीन चिट मिल चुकी है। फिल्मी अभिनेत्री कंगना रनौत को लग रहा है कि मोदी जी नेे ही गोधरा कांड कराया था! अगर ऐेसा नही है तो कंगना किस नजरिये से पीएम का नाम लेकर 2000 वाले दशक की बात कही! जबकि गोधरा कांड को 20 साल गुजर गए। परंतू कंगना रनौत को आज भी वह दशक और मोदी जी याद है! कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद भी एक फिल्म अभिनेत्री द्वारा पीएम का नाम 2000 दशक के विराट की शुरूआत की बात कही गई। उसके बाद भी केन्द्र सरकार एवं भाजपा के नेताओं में खामोसी है।अगर मोदी जी को कोर्ट ने गोधरा कांड में क्लीन चिट दे चुकी है,तो फिर कंगना द्वारा 2000 दशक के विराट शुरूआत की चर्चाएं किस तर्ज पर कर रही है! अगर सही मायने में मोदी जी गोधरा कांड में संलिप्त नही थे, तोे फिर एक पीएम के प्रति 2000 दशक के विराट शुरूआत की चर्चा करने वाली फिल्म अभिनेत्री पर अभी तक कार्रवाई केन्द्र सरकार क्यों नही कर रही है! जो सवाल बार-बार लोेग पुछ रहे हैं। फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत  पर कार्रवाई नही किया गया,तो फिर मोदी जी के प्रति हर कोई को गुजरात के गोधरा कांड को लेकर सवाल उठता ही रहेगा!