कोरोना योद्धा डॉ. अनस अभी तक  शहीद के दर्जे से क्यों है वंचित

दिल्ली सरकार की ओर से परिवार से सहानुभूति तक नहीं जताई गई अगर डॉक्टर अनस को शहीद का दर्जा नहीं दिया गया तो मजलिस कानूनी कार्रवाई करेगी :कलीमुल हफीज

प्रेस विज्ञप्ति:  नई दिल्ली, 18 मई, 2021:  जीटीबी के कोरोना वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉ. अनस  खुद इस बीमारी का शिकार हो गए और 10 मई को शहीद हो गए। उनकी आत्मा अभी भी तड़प रही है क्योंकि दिल्ली सरकार ने उन्हें अभी तक शहीद घोषित नहीं किया है। ना ही उनके परिवार को मुआवजा राशि दी गई है हद तो यह है कि 26 वर्षीय डॉक्टर के परिवार को किसी सरकारी अधिकारी या व्यक्ति द्वारा फोन तक नहीं किया गया है ना ही कोई उनसे मिलने गया है । दिल्ली में किसी भी पुलिस अफसर की ड्यूटी पर मौत और डॉक्टर की करोना से मौत पर 1 करोड़ रुपए की योजना लाने का ढिंढोरा पीटने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 26 वर्षीय डॉ अनस की मृत्यु पर पूरी तरह से खामोश हैं। मुख्यमंत्री ने उनके पिता से सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं कहा। क्या उन्हें इसकी खबर नहीं मिली है या वह जानबूझकर चुप हैं कि एक मुस्लिम डॉक्टर की मौत पर शोक व्यक्त करने से कट्टरपंथी हिंदुत्व से जुड़े लोग नाराज हो जाएंगे और वह अपने संघी आकाओं की नजर में गिर जाएंगे। कलीमुल हफ़ीज़ ने कहा हम दिल्ली सरकार से मांग करते हैं कि करोना योद्धा डॉ. अनस को तुरंत करोना शहीद का दर्जा दिया जाए, और उनके परिवार को एक करोड़ का चैक दिया जाए । उन्होंने ने कहा हम दिल्ली के एलजी अनिल बेजल से भी  इस सम्बन्ध में अपने अधिकारों का प्रयोग करने तथा शासन को निर्देश देने का आग्रह करते है। कलीमुल हफीज ने दिल्ली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि डॉ अनस की शहादत के प्रति सरकार की उदासीनता दुखद है। कलीमुल हफ़ीज़ ने इस को मुख्यमंत्री की पक्षपातपूर्ण मानसिकता बताते हुए सरकार की उदासीनता पर आश्चर्य व्यक्त किया और कहा कि केजरीवाल की मुस्लिम विरोधी नीति अब स्पष्ट हो गई है। लोगों को समझना चाहिए कि सरकार उन्हें स्कूल अस्पताल तो क्या देगी सरकार अब उनके जवानों की  शहादत पर सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं बोलेगी। आल इंडिया मजलिसे इत्तिहादुल मुस्लिमीन-दिल्ली के अध्यक्ष कलीमुल हफ़ीज़ ने कहा कि आज जब डॉ. अनस शहीद के पिता डॉ. मुजाहिद से खुद मैंने बात की तो पता चला कि किसी सरकारी अधिकारी ने सहानिभूति के लिए फोन तक नही किया है और ना ही शोक जताया। मुझे आश्चर्य है कि दिल्ली के मुसलमानों ने हर बार आम आदमी पार्टी की  सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हर बार उन्हें नए घाव मिले। लेकिन अब दिल्ली के मुसलमान ही नहीं बल्कि दिल्ली के लोग भी अरविंद केजरीवाल को पहचान गए हैं। अब जनता अगले चुनाव में कोई गलती नहीं करेगी।दिल्ली मजलिस अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली सरकार को अपने पक्षपातपूर्ण रवैये से बचना चाहिए और धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं करना चाहिए। कलीमुल हफीज ने यह भी कहा कि अगर डॉ अनस को करोनरी योद्धा और शहीद का दर्जा नहीं दिया गया,तो मजलिस दिल्ली सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।