लॉकडाउन में महिलाओं के स्वास्थ पर पड़ता उल्टा असर।

  सुषमा रानी नई दिल्ली 28 मई ।कोरोना काल में शासन प्रशासन की असफलता ने आवाम को परेशानी में डाल दिया। वक्त रहते अगर इंतजामिया इस वबा से निबटने का बंदोबस्त कर के रखतें तो शायद आवाम को अपनी जान ना गंवानी पड़ती।आलम यह है कि कोरोना की दूसरी लहर से जनता बेहाल है वहीँ अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाएं भी इलाज के लिए कम पड़ रही हैं। कोरोना का असर स्वास्थ्य के साथ साथ लोगो की रोज़मार की ज़िन्दगी पर भी पड़ रहा है, ख़ास करके महिलाओं पर। माहिरों का कहना है कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार का भी ध्यान रखना होता है। लॉकडाउन लगने के वजह से महिलाओं के जीवन पर अच्छा ख़ासा असर पड़ा है। ख़ास तौर पर कामकाजी महिलाओं के लिए तो और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण माहौल हो गया है। ऐसी परिस्तिथि में महिलाओं पर काम का भार ज़्यादा हो गया है। जहाँ उनको परिवार की देखभाल तो करनी ही है और साथ ही व्यवसाहिक स्तिथि को भी संभालना है। इसका प्रभाव यह है की उनका स्वास्थ निरंतर गिरता जा रहा है। महिलाओं में मानसिक तनाव और चिंता संबंधी जोखिम भी बढ़ रहा है। कोरोना वायरस महामारी के अब तक के प्रभाव से महिलाओं के यौन और प्रजनन पर विपरीत असर पड़ रहा है। घर के कामों के अधिक होने का कारण अनियमित पीरियड्स कि समस्या भी खड़ी हो रही है। कई गर्भवती महिलायें कमजोरी महसूस कर रही हैं और सही से आहार भी नहीं ले रहा। ऐसे में महिलायें हार्मोनल असंतुलन, पीठ दर्द, जैसी कई बीमारियों का भी शिकार बन रही हैं। माहिरों के मुताबिक ऐसे समय में महिलाओं को चाहिए कि वह अपने स्वास्थ्य पर केंद्रित होकर ऐसे उत्पादों का सेवन करें जिससे इसकी भरपाई हो सके। अल्टोस एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने कोरोना काल के मुश्किल समय में महिलाओं के लिये ‘सुंदरी जीवन’ हर्बल टॉनिक बनाया जो महिलाओं की सभी समस्याओ के लिये एक संजीवनी बूटी साबित हो रही है। यह हर्बल टॉनिक हार्मोनल असंतुलन, कमजोरी, अनियमित पीरियड्स, दर्दनाक पीरियड्स, कमज़ोरी, थकान, पेशाब के दौरान जलन, बार-बार पेशाब आना, मन विचलित, पीठ दर्द, और कब्ज जैसी समस्याओ का इलाज करने में मददगार साबित हो रही हैं।