अरविन्द केजरीवाल कोविड ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सभी कोरोना यौद्धाओं को 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि का मुआवजा दें, न कि पिक एंड चूज़ की नीति पर । – चौ0 अनिल

 

सुषमा रानी
नई दिल्ली, 31 मई, ।दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि कोरोना यौद्धाओं की मृत्यु पर 1 अप्रैल, 2020 को पीड़ित परिवारों की मदद के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की 1 करोड़ की मुआवजे की घोषणा खोखली साबित हुई है। कोरोना महामारी के भारी संकट में दिल्ली सरकार ने दिल्ली में सिर्फ 15 कोरोना यौद्धाओं को ही अपनी घोषणा के अनुसार 1 करोड़ का मुआवजा दिया है, जिनको मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने पिक एंड चूज़ की नीति के आधार पर प्रतीकात्मक रुप से चिन्हित लोगों को यह सम्मान राशि दी गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम ने भी कोरोना यौद्धाओं को मुआवजे के रुप में 10 लाख रुपये देने की घोषणा की थी, जिसके लिए आज तक कोई पहल नही हुई। संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के साथ पूर्व विधायक हरी शंकर गुप्ता भी मौजूद थे।

प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कोरोना यौद्धाओं को मुआवजा देने के प्रति उनकी नियत ठीक नही है। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों के प्रति मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और केन्द्र सरकार के गृहमंत्री की जिम्मेदारी बनती है कि वे दिल्ली में कोविड प्रभावित लोगों व कोविड ड्यूटी के दौरान शहीद हुए है, उन्हें घोषित मुआवजा और परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि जब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दूसरी लहर में सरकारी डाक्टरों के 101 डाक्टरों के शहीद होने की सूची जारी की है, दिल्ली नगर निगम 94 कर्मचारियों जिनमें 49 सफाई कर्मचारी है, शिक्षा विभाग ने लगभग 100 शिक्षकों तथा दिल्ली पुलिस ने 32 कर्मचारियों की कोरोना ड्यूटी के दौरान शहीद होने की पुष्टि की है। लेकिन दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री ने 14 महीनों से महामारी का सामना कर रहे कर्मचारियों में दिल्ली में सिर्फ 15 कर्मचारियों की कोरोना ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर मुआवजा दिया है।
चौ0 अनिल कुमार ने अरविन्द केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस कर्मचारी अमित राणा को 1 करोड़ देने के लिए एक साल पहले केजरीवाल ने ट्वीट किया था और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अमित राणा के परिवार से मिलकर राजनीति कर रहे हैं। जबकि उन्हें केन्द्र सरकार के गृहमंत्री से मिलकर अमित राणा को मुआवजा दिलाने की पहल करनी चाहिए तथा निगम कर्मचारियों को मुआवजा राशि दिलाने के लिए दिल्ली नगर निगम मेयरों पर दवाब बनाना चाहिए। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल और भाजपा अध्यक्ष अमित राणा के परिवार को गुमराह कर रहे हैं।
चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई मौतों की जांच करके उन्हें 5 लाख तक का मुआवजा दिलाने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई 6 सदस्यीय समिति भी छलावा साबित होगी, क्योंकि यह घोषणा सिर्फ राजनीति के तहत की गई है।

चौ0 अनिल कुमार ने मांग की कि दिल्ली सरकार कोरोना यौद्धाओं जिनकी कोरोना के चलते मृत्यु हुई उनकी अधिकारिक सूची जारी करे। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कहीं मौत के आंकड़ो की तरह कोरोना यौद्धाओं के आंकड़ो को भी छिपाने का काम तो नही कर रही है, क्योंकि वास्तविक रुप से दिल्ली में कोरोना से अभी तक सैंकड़ो लोगों की मृत्यु हुई है जबकि सरकारी आंकड़े इससे बहुत कम दर्शाए जा रहे है।
पूर्व विधायक हरी शंकर गुप्ता ने कहा कि जहां देश और दिल्ली की जनता कोविड महामारी में विकराल समस्या से जूझ रही है, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए दिन प्रतिदिन खोखली घोषणाऐं तो करते है परंतु मुसीबत के समय में दिल्लीवासियों के किसी भी योजना को अमल पर लाने में नाकाम साबित हुए है। श्री गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए कुछ गिने-चुने लोगों को कोरोना योद्धा का सम्मान दिया है, उन्हें लोगों से किए गए अपने वायदे का सम्मान करना चाहिए न गलत बयानबाजी करके दिल्लीवासियों को गुमराह करना चाहिए।