जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव की बेल रद्द की खबर से कार्यकर्ताओं में मायूसी छाई

  दरभंगा।(मोहम्मद शादाब अंजुम) जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के पूर्व जिला अध्यक्ष न्यायालय पर पूरा भरोसा है। लेकिन सरकार के हस्तक्षेप से लगता है हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष, पप्पू यादव से घबराकर 21 दिनों से जेल में सरकारी तौर पर अपहरण कर रख लिया गया है। लेकिन गरीबों के मसीहा राष्ट्रीय पप्पू यादव को जितनी भी यातनाएं व मानसिक उत्पीड़न दिया जाएगा बिहार सरकार में भ्रष्टाचार में लिप्त बैठे दलाल माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। न्यायालय उन्हें एक न एक दिन रिहा जरूर करेगी। पप्पू यादव को बेल नहीं मिलने के कारण हताश नहीं निराश नहीं बल्कि और भी मजबूत हो गए हैं। उनके बेल रिजेक्ट होने की वजह से बिहार सरकार की पोल फुल कर दो जहां बीजेपी और जदयू के डबल इंजन की सरकार कहीं न कहीं हस्तक्षेप कर रही है। जिसके कारण माफियाओं का बोलबाला है और जो सेवक है कैद में है उग्र आंदोलन करने की तैयारी में अगर बिहार सरकार ने अधिगम हस्तक्षेप कर पप्पू यादव की रिहाई की को सफल बनाया उग्र आंदोलन की जिम्मेदारी बिहार सरकार की होगी बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार का पुतला लेकर नाका नंबर 6 से मार्च करते हुए करपुरी चौक तक गए जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ मुन्ना खान कर रहे थे। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा उनके साथ ना न्याय नहीं हो रहा है, गरीबों की जान जा रही है अगर आज वह 21 दिन से बाहर होते थे ना जाने कितने गरीब और जरूरतमंदों की जान बच गई होती, इस कारोना कॉल में कोई किसी से नहीं पूछता मगर सेवक पप्पू यादव सबके बीच में मौजूद और खड़ा रहते है, यही उसकी गुनाह थी इस कारण आज तक वह जेल में कैद है। पुतला दहन मार्च में राष्ट्रीय प्रवक्ता फजील अहमद, पप्पू सरदार, प्रिया राज,चुनमुन यादव पुतून बिहारी,दस्तगीर अंसारी, कासिफ इकबाल,अफसर अली,मो आजम नवाज,इरशाद आलम,मो अब्दुल्लाह,भीम आर्मी के अमरजीत अंबेडकर, डॉ वीरेंद्र पासवान,भैरव यादव, दीपक झा कुणाल पांडे आसमा खातून दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।