आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों से वसूला गया जुर्माना वापस किया जाना चाहिए और नियमों का उलंघन करने वालों की बकाया राशि माफ की जाए- चौ0 अनिल कुमार

 

मनोज टंडन
नई दिल्ली, 03 जून, । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन का पालन कराने के नाम पर दिल्ली सरकार के जिला प्रशासन, नगर निगम की एजेंसियों व दिल्ली पुलिस द्वारा 19 अप्रैल से 25 मई तक 2 लाख लोगों पर मुकद्मा किया। जबकि इन एजेंसियों द्वारा लॉकडाउन में नागरिकों के साथ उचित व्यवहार करके कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने के आदेश दिए थे परंतु दिल्ली पुलिस ने 97,374 चालान किए, दिल्ली सरकार के जिला अधिकारियों की टीमों ने 93,723 और दिल्ली नगर निगम ने 6,480 लोगों पर मुकद्मा चलाया।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि महामारी संकट काल में लोगों पर 2000 रुपये जुर्माना लगाकर उनके खिलाफ कार्यवाही करने की जगह तत्काल मास्क पहनने तथा मास्क ठीक से पहनने की सलाह देने की जरुरत के साथ-साथ जागरुकता पैदा करनी चाहिए। उन्होने कहा कि पूरी दिल्ली में कोई भी परिवार कोविड संक्रमण के विनाशकारी प्रभाव से अछूता नही है, जबकि कई परिवारों ने कोरोना के कारण अपनों को खो दिया है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कोविड महामारी के संकट के कारण परेशान और आर्थिक रुप से जूझ रहे दिल्लीवासियों को अरविन्द केजरीवाल की दिल्ली सरकार और भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस को दिल्ली की जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए लॉकडाउन में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाना चाहिए था न कि लोगों से जुमार्ना वसूना और उन उपर मुकद्मा चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2 लाख में से 1,71,154 लोगों पर मास्क न पहनने या मास्क गलत तरीके से पहनने के चालान किए गए थे। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि 2 लाख लोगों पर मुकदमा करने के बावजूद सरकार 86 प्रतिशत मजबूर लोगों से जुर्माना वसूल करने में असमर्थ साबित हुई। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति बद से बद्तर हो चुकी है, जब उनके पास खाने को नही है तो जुर्माना कैसे चुकाऐंगे।