जामिया के छात्र को मिला प्रतिष्ठित “द डायना अवार्ड “

सुषमा रानी
नई दिल्ली 5जुलाई। कहते हैं कि “हिम्मतें मर्दा मददे खुदा” यानी अगर आप कुछ करने की थाना और मेहनत करो तो फिर कठिन से कठिन राह भी आसान हो जाती है और मंजिलें कदम चूमने लगती हैं कुछ ऐसा ही कोविड-19 के इस संकट की घड़ी में जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र को कैफ अली ने किया | कैफ अली ने कोविड-19 के लिए एक ऐसा आश्रय यानी शेल्टर तैयार किया जो कि ना केवल कोविड 19 के वायरस को फैलने से रोकने में मदद करेगा बल्कि दुनिया भर में शरणार्थियों को एक सस्ता अच्छा घर भी दे सकता है इसके लिए कैफ अली को प्रतिष्ठित डायना अवॉर्ड से नवाजा गया है हमारी संवाददाता सुषमा रानी ने जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र कैफ अली से बात की! कैफ अली ने बताया कि वह जामिया मिलिया इस्लामिया के आर्किटेक्ट स्टूडेंट है कोविड काल में उन्होंने देखा कि कोविड-19 से पीड़ित मरीजों को आइसोलेशन के लिए जो आइसोलेशन सेंटर बनाए जा रहे थे वहा तमाम प्रयासों के बावजूद भी इंफेक्शन फैलने से रोका नहीं जा रहा था !बस इसी को लेकर उन्होंने अपने प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया और एक ऐसा आश्रय स्थल बनाया जिसमें आइसोलेशन होने के बाद संक्रमण फैलने का खतरा लगभग खत्म सा हो जाता है और इनकी लागत इतनी कम है कि भविष्य में यह शरणार्थियों के लिए उन्हें एक अच्छा सस्ता घर मुहैया कराया जा सकता है! अपने इस प्रोजेक्ट को कैफ अली ने “स्पेस एरा” नाम दिया उनके इस प्रोजेक्ट की मरकज़ी वजीर ए तालीम रमेश पोखरियाल निशंक ने भी तारीफ की है !इस प्रोजेक्ट के लिए कैफ अली को डायना प्रिंसेस ऑफ वेल्स की स्मृति में स्थापित पुरस्कार उनके नाम की चैरिटी द्वारा द डायना अवॉर्ड से नवाजा गया यह अवार्ड विश्व के सबसे प्रतिष्ठित सामानों में से एक है जो 9 से 25 साल तक के युवाओं को उनके सामाजिक मानवीय कार्यों के लिए दिया जाता है कैफ अली का कहना है कि निरंतर मानवीय सेवाओं के लिए कार्य करते रहेंगे उनके परिवार का सपोर्ट भी उनके कर्तव्य पथ पर चलने के लिए प्रेरणादायक हैl