सबिया सैफी के गुनाहगारों को फांसी होनी चाहिए जब डिफेंस में काम करते हुए बेटी सुरक्षित नहीं तो वह कहां सुरक्षित रहेगी? हाशमी का दिल्ली और केंद्र सरकार से सवाल

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के नेता और आल इंडिया क़ौमी तंज़ीम के सदस्य एडवोकेट हकीम अयाजुद्दीन हाशमी ने सैफी समाज की बेटी सबिया सैफी के बलात्कार और उसके बाद हुई हत्या के मामले में दिल्ली और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्हों ने कहा कि सबिया के साथ जो हुआ उसकी जितनी निंदा की जाये वह कम है। उन्होंने दिल्ली सरकार से भारत की बेटी के परिवार को तुरंत एक करोड़ रुपये का भुगतान करने की मांग की। साथ ही कहा है कि, गृह विभाग दिल्ली सरकार के अधीन है। सरकार तुरंत CBI जांच की सिफारिश करे और एक समिति का गठन करे जो इस मामले पर एक हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। उन्हों ने कहा कि उन जानवरों की पहचान तुरंत होनी चाहिए जिन्हों ने सबिया को मार डाला और बलात्कार किया।
डॉ. हाशमी ने प्रधान मंत्री मोदी के “सबका साथ विकास और सभी विश्वास के साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि अगर मोदी सरकार को वास्तव में बेटी के बचाने की फ़िक्र, तो वह सबिया के परिवार को एक करोड़ रुपये दे और सीबीआई जांच के बाद दरिंदों को फांसी दी जाये। डॉ. हाशमी ने कहा कि एक बार बलात्कारी दरिंदों को सड़क पर फांसी दे दी गई, तो कोई और ऐसा अपराध करने की कोशिश नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सबिया का क्या कसूर था कि जानवरों ने इस बेटी के साथ न सिर्फ हवस की आग बुझाई बल्कि उन्हों ने उसके साथ जो किया वह किसी माफी के लायक नहीं है. हाशमी ने कहा कि जब सबिया दिल्ली पुलिस में डिफेंस की नौकरी करते हुए सुरक्षित नहीं हैं, तो दोनों सरकारों को बताना चाहिए कि वह बेटियां कहां सुरक्षित रहेंगी.