भाजपा का दिल्ली जल बोर्ड में नये 14 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप दिल्ली सरकार के सभी घोटालों की जांच हो-आदेश गुप्ता

सुषमा रानी नई दिल्ली, 20 सितम्बर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता ने आज दिल्ली जल बोर्ड पर एक नए 14.41 करोड़ रुपए का घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए इससे घोटाले पर केजरीवाल सरकार पिछले 7 सालों से पर्दा डाल रही है। श्री आदेश गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आज यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इस घोटाले की तुरंत सीबीआई जांच कराने और मुख्यमंत्री से इस मामले में प्राथमिकी (एफ आई आर) दर्ज कराने की मांग की है। संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री राजन तिवारी एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री हरीश खुराना और श्री आदित्य झा उपस्थित थे। श्री गुप्ता और श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली सरकार पर घोटाले की सरकार का आरोप लगाते हुए जलबोर्ड घोटाला, नई शराब नीति, ग़रीबों को राशन बांटने और बरसात से पूर्व नालों की सफाई कराने के मामलों में करोड़ों रुपए के खेल किये जाने के मामले की तुरंत जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2012 में दिल्ली जल बोर्ड और यूनियन बैंक के बीच एक बिल को जमा करने के लिए एक करार किया गया। इसके तहत लोग अपने पानी के बिल बैंक में जमा कर सकते हैं। इस करार को उसी दिन बैंक ने एक अन्य कंपनी फ्रेश पे के हवाले कर दिया। बैंक ने फ्रेश पे कंपनी से 1.25 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी मांगी जो कि मूल करार में नहीं है। हैरानी की बात यह है कि इस फ्रेश पे कंपनी ने भी पैसे एकत्र करने की जिम्मेदारी आगे एक और कंपनी एरम ई पेमेंट को दे दी। इस तरह मूल करार तीसरे कंपनी को सबलेट कर दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष श्री आदेश गुप्ता ने कहा कि जून 2020 में जल बोर्ड ने बैक से कहा कि उसने 14.41 करोड़ रुपये कम जमा कराए हैं। बैंक ने 1.12 करोड़ रुपए जमा करने की जानकारी दी लेकिन यह राशि भी जल बोर्ड के खाते में जमा नहीं हुई। इस तरह से जल बोर्ड का 14.41 करोड़ रुपये गबन कर लिया गया लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री को इस बारे में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। श्री गुप्ता और श्री बिधूड़ी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाने और मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल बोर्ड के मंत्री सत्येन्द्र जैन और राघव चड्ढा की सीधी जिम्मेदारी बनती है और इन्हीं की मिलीभगत से या गड़बड़ी हुई है।