जब राजधानी में सांसद का घर सुरक्षित नहीं तो दिल्ली में कौन सुरक्षित है ? कलीमुल हफ़ीज़ 

दिल्ली में असदुद्दीन ओवैसी के घर पर हमला करने के पीछे भाजपा ज़िम्मेदार  : ए आई एम आई एम जब राजधानी में सांसद का घर सुरक्षित नहीं तो दिल्ली में कौन सुरक्षित है ? कलीमुल हफ़ीज़  प्रेस रिलीज़ :22 सितंबर 2021 नई दिल्ली:  देश की राजधानी दिल्ली के उस इलाक़े में जहां सिक्योरिटी के अच्छे ख़ासे इंतजाम है। जहां खुद दिल्ली पुलिस का हेड क्वार्टर और देश की संसद है, जहां इलेक्शन कमिशन का ऑफ़िस है। वहां एक सांसद के घर पर हिंदू दहशगर्दों का हमला देश के लॉ एंड ऑर्डर पर सवालिया निशान है। इन विचारों को ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन दिल्ली के अध्यक्ष कलीमुल हफ़ीज़ ने मीडिया से बात करते हुए व्यक्त किया। वह पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर मौजूद मजलिस के कार्यकर्ताओं और मीडिया के लोगों से बात कर रहे थे। जो मजलिस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सरकारी आवास पर हमला करने वालों के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराने के लिए जमा हुए थे। ज्ञात रहे कि कल शाम 5:00 बजे बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी की दिल्ली में सरकारी आवास जिसको कोठी के नाम से पुकारा जाता है पर दर्जन भर से ज़्यादा हिंदू आतंकवादी नौजवानों ने हमला कर दिया था। हमलावरों ने कोठी की लाइटें,शीशे और दरवाजों को नुक़सान पहुंचाया। उनके हाथों में धारदार हथियार थे और वह जय श्री राम और हर हर महादेव के नारे लगा रहे थे। कोठी पर मौजूद चौकीदार और दूसरे नौकरों ने अपनी जान बचाने के लिए दरवाजे बंद कर लिए। और पुलिस को फोन किया पुलिस के पहुंचने पर ज़्यादातर शरारती तत्व भागने में कामयाब हो गए। लेकिन पांच हमलावरों को पुलिस टीम ने गिरफ़्तार कर लिया। कोठी पर हमले की ख़बर सुनकर मजलिस कि प्रदेश टीम के पदाधिकारी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर पहुंचने लगे और थोड़ी ही देर में वहां अच्छी ख़ासी संख्या में जमा हो गए। इस मौक़े पर लीगल सेल मजलिस के पदाधिकारी और मजलिस के प्रदेश अध्यक्ष कलीमुल हफ़ीज़ ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मुलाक़ात की और क़ानून  के अनुसार यूएपीए की धाराओं में मुक़दमा दर्ज करने की मांग की। थाने के बाहर जमा भीड़ को संबोधित करते हुए कलीमुल हफ़ीज़ ने कहा कि पूरे देश में हिंदू दहशगर्द भाजपा सरकार की सरपरस्ती में मुसलमानों और दलितों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस जानबूझकर इन लोगों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं करती इसलिए इन लोगों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने इस बात पर अफ़सोस का इज़हार किया कि जब दिल्ली के सबसे सुरक्षित इलाके में संविधान का रक्षक सुरक्षित नहीं तो फिर आम इंसान की सुरक्षा का सवाल ही बेकार है।यह सब कुछ उत्तर प्रदेश में दिल्ली मजलिस की प्रसिद्धता के ख़ौफ़ से किया जा रहा है। भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह के ओछे हथकंडो का सहारा ले रही है देश के हालात बहुत ख़राब हैं भाजपा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम हो चुकी है। मजलिस अध्यक्ष ने दिल्ली सरकार के स्ट्रीट कैमरे इस पर भी सवाल उठाया और पूछा कि हज़ारों करोड़ के कैमरे कहां है? जब वीआईपी इलाके में कैमरे काम नहीं कर रहे हैं तो और कहां काम कर रहे होंगे? केजरीवाल सरकार ने कैमरे के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाया है।मजलिस अध्यक्ष ने कहा कि थाने में पुलिस की हमदर्दी हिंदू सेना के साथ साफ़ दिखाई दी। पुलिस थाने में पांचों मुजरिमों के साथ कोई शक्ति नहीं की गई। इन पर यूएपीए नहीं लगाया गया जबकि अगर इनकी जगह मुस्लिम नौजवान होते तो पुलिस उन पर देशद्रोह की धाराएं लगाती और उन को मार मार कर अधमरा कर देती। पुलिस की इस लापरवाही का नतीजा यह है कि कोठी पर तीसरी बार हमला करने में दहशत गर्द क़ामयाब हुए कलीमुल हफ़ीज़ ने कहा कि दिल्ली मजलिस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की हिफ़ाजत करना जानती है। मजलिस के कार्यकर्ता खामोश नहीं रहेंगे। असामाजिक तत्वों को सजा दिलवाकर रहेंगे दिल्ली मजलिस दिल्ली के तमाम असहाय लोगों की हिफ़ाजत करेगी। मजलिस अध्यक्ष ने मांग की कि हमलावरों के आक़ाओं को भी गिरफ़्तार किया जाए।  इस मामले की क़ानून के अनुसार जांच की जाए और पूरी दिल्ली के कैमरे दुरुस्त किए जाएं।