दिल्ली में डेंगू ने तोड़ा 19 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली में डेंगू ने तोड़ा 19 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली में डेंगू का बीते 19 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। सोमवार को जारी की गई साप्ताहिक रिपोर्ट में डेंगू के 1245 मरीजों की पुष्टि की गई थी, जिसके बाद डेंगू का आंकड़ा 10683 तक पहुंच गया है। इससे पहले वर्ष 1996 में डेंगू के कुल 10252 मरीज देखे गए थे, जबकि इसी वर्ष दिल्ली में 423 मरीजों की डेंगू की वजह से मौत हो गई थी।

दिल्ली नगर निगम के प्रवक्ता योगेन्द्र सिंह मान ने बताया कि दिल्ली में इस बार बीते पांच साल की अपेक्षा सबसे अधिक मरीज देखे गए हैं। तापमान में गिरावट के साथ हालांकि मच्छरों की ब्रीडिंग में कमी देखी जाएगी। लेकिन फिलहाल सरकार के लिए डेंगू और स्वाइन फ्लू दोनों से निपटने की बड़ी चुनौती है। सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार डेंगू के सबसे अधिक मरीज दक्षिणी दिल्ली में देखे गए हैं, जहां अकेले बीते सप्ताह में डेंगू के 2432 मरीजों की पुष्टि की गई। जबकि पूर्वी दिल्ली में 1413 और उत्तरी दिल्ली में 2307 मरीज देखे गए है। स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि यदि बारिश नहीं होती है है अक्तूबर अंत तक डेंगू के मरीजों में खासी कमी देखी जाएगी। हालांकि विभाग ने नवंबर महीने तक डेंगू के पूरी तरह खत्म होने की बात कही है। मालूम हो कि अकेले वर्ष 1996 में दिल्ली में डेंगू से 423 मरीजों की मौत हुई थी। इस साल डेंगू से मरने वालों का सरकारी आंकड़ा 30 है।

निर्माणाधीन जगहों में बढ़ी ब्रीडिंग
डेंगू के संदर्भ में राष्ट्रीय संचारी रोग विभाग की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में तेजी से बढ़ती निर्माणाधीन जगहों पर पानी जमा होने के कारण मच्छरों की ब्रीडिंग में इजाफा हुआ है। वर्ष 1996 में जब डेंगू का हमला हुआ था, उस समय सबसे अधिक ब्रीडिंग रेड मेट्रो लाइन की साइट्स पर देखे गए थे। इसी तरह कॉमनवेल्थ खेल के समय वर्ष 2010 में डेंगू के 4065 मरीजों की पुष्टि की गई। इस समय खेल के आयोजन के कारण तेजी से निर्माण कार्य हो रहा था।

स्वास्थ्य विभाग मौसम पर निर्भर
हर साल दिपावली के बाद डेंगू मरीजों में आती है, इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग मौसम में परिवर्तन और घरों की सफाई को मानता है। आईसीएमआर के वैज्ञानिक डॉ. रजनीकांत ने बताया कि डेंगू मच्छर क्योंकि साफ पानी में रहता है इसलिए घरों की पानी इकठ्ठा होने वाली छोटी जगहों पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हर साल दिपावली पर होने वाली घर की साफ सफाई के बाद मच्छर कम हो जाते हैं, जबकि दिपावली के बाद बढ़े प्रदूषण को भी मच्छरों के कम होने के लिए जिम्मेदार माना गया है। हालांकि विशेषज्ञ 30 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान में मच्छरों की ब्रीडिंग कभी भी होने की संभावना से इंकार नहीं करते।