सीमा सुरक्षा बल ने वन्य जीवों की तस्करी को नाकाम करते हुए दुर्लभ प्रजाती के टायको गेक्को छिपकली के साथ एक तस्कर को धर दबोचा

  (जिला–उत्तर 24 परगना) दिनांक 02 अक्टूबर, 2021 को, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर, सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने वन्य जीवों की तस्करी को नाकाम करते हुये दुर्लभ प्रजाति की 01 टायको गेको छिपकली के साथ एक तस्कर को हिरासत में लिया। ये छिपकली बांग्लादेश से भारत मे सीमा चौंकी पानितार , 153 बटालियन, उत्तर 24 परगना जिले से तस्करी करके लाई जा रही थी। दिनांक 02 अक्टूबर, 2021 को 0915 बजे विश्वनीय सूचना पर कार्य करते हुये सीमा चौकी पानितार, 153 वीं वाहिनी, सेक्टर कोलकाता, सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास घात लगाया। उस दौरान घात पार्टी ने एक संदिग्ध व्यक्ति की हरकत को देखा जो एक छोटे बैग के साथ विद्याधारी नाला से भारतीय क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रहा था । जब घात पार्टी ने तस्कर को चुनौती दी, तो तस्कर ने वापस बांग्लादेश की तरफ भागने का प्रयास किया लेकिन पहले से ही चौकस जवानों ने शीघ्र ही उसे बैग के साथ धर दबोचा। बैग की तलाशी के दौरान दुर्लभ प्रजाति के 01 टायको गेक्को छिपकली बरामद हुआ । शीघ्र ही पैकेट को घात पार्टी ने कब्जे में ले लिया तथा तस्कर को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। इस छिपकली की विशेषता यह है कि यह अपना रंग बदलती रहती है। पकड़े गए तस्कर की पहचान जुगल घोष, उम्र- 34 वर्ष, गांव +डाकघर – तारकेश्वर, जिला -हुगली (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान तस्कर जुगल घोष ने बताया कि वह एक भारतीय निवासी है । आगे उसने बताया कि वह राजकोट, गुजरात मे मजदूरी का कार्य करता था लेकिन करोना महामारी के कारण काम नहीं मिलने से वापस घर आ गया तथा पिछले कुछ दिनों से तस्करी में शामिल है। आगे उसने बताया कि उसे यह छिपकली (टायको गेक्को ) शबीर नाम के व्यक्ति से मिला था जोकि भारत बांग्लादेश सीमा के पास खोलापता, जिला उत्तर 24 परगना का रहने वाला है शबीर इसे बांग्लादेश से लाया था। आगे वह इसे नदिया जिला निवासी एक अन्य तस्कर नजरुल को देने जा रहा था लेकिन जैसे ही वह विधाधारी नाले के पास पहुंचा तो बीएसएफ के जवानों ने उसे छिपकली के साथ पकड़ लिया । जब्त छिपकिली तथा तस्कर को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए बशीरहाट पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है। जन संपर्क अधिकारी, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर,बीएसएफ ने अपने जवानों की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की, जिसमे 153 वीं वाहिनी के जवानों ने वन्य जीवों की तस्करी को नाकाम करते हुए 01 दुर्लभ प्रकार के छिपकिली के साथ एक तस्कर को हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि यह केवल ड्यूटी पर अपने जवानों द्वारा प्रदर्शित सतर्कता के कारण ही संभव हो सका है।