किसानों के आगे झुकी सरकार, तीनों नये कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला। जावेद हुसैन पत्रकार स्टार न्यूज़।

  आज 19 नवम्बर शुक्रवार यानी गुरु नानक जयंती के दिन सुबह करीब 9 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन करते हुए तीनो नये कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया है। वहीं किसान आंदोलन का मुख्य चेहरा राकेश टिकैत का कहना है (आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा. सरकार MSP के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें)। इस फैसले का एलान करने के तुरंत बाद सभी नेताओं के बयान भी सोशल मिडिया पर वाइरल हो रहे हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट मे लिखा (देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया. अन्याय के खिलाफ़ ये जीत मुबारक हो! जय हिंद, जय हिंद का किसान!) आप राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज़ कसते हुए ट्वीट किया (ये मोदी के अन्याय पर किसान आंदोलन की जीत ढेरों बधाई. भारत के अन्नदाता किसानों पर एक साल तक घोर अत्याचार हुआ. सैंकड़ों किसानो की शहादत हुई. अन्नदाताओं को आतंकवादी कह कर अपमानित किया. इस पर मौन क्यों रहे मोदी जी? देश समझ रहा है चुनाव में हार के डर से तीनो काला क़ानून वापस हुआ) तीनों नये कृषी कानून 17 सितंबर 2020 को लोकसभा मे मंजूर किये गए थे। प्रस्ताव पर राष्ट्रपती के दस्तखत होने के बाद तमाम किसान संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिये थे।