हुनर हाट में विनोद राठौर के सुरों से बंधा समां

  सुषमा रानी नई दिल्ली 21 नवंबर। बॉलीवुड के मशहूर प्लेबैक सिंगर विनोद राठौड़ ने दिल्ली में हुनर हाट के मंच से अपनी जानदार प्रस्तुति के ज़रिए धूम मचा दी। ‘नायक नहीं खलनायक हूँ मैं’ गाकर उन्होंने ऐसा आगाज़ किया कि कार्यक्रम की शुरुआत में ही उनकी गायकी का जादू दर्शकों के सर चढ़ कर बोलने लगा। एक के बाद एक सुपरहिट गाने गाकर विनोद राठौड़ ने हुनर हाट का माहौल बेहद सुरीला बना दिया। दिल्ली के प्रगति मैदान में ट्रेड फेयर चल रहा है जिसमें हुनर हाट का ख़ास आयोजन भी किया जा रहा है। हुनर हाट में हर दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं जिनमें बड़े बड़े कलाकार अपनी कला का जलवा बिखेर रहे हैं। इसी क्रम में रविवार की शाम सिंगर विनोद राठौड़ के नाम रही। उन्होंने गायकी और अपने ख़ास अंदाज़ का ऐसा जलवा दिखाया कि पूरी तरह से रंग जमा दिया। मुन्ना भाई एमएमबीबीएस फिल्म का टाइटल ट्रैक गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बाज़ीगर फ़िल्म का गाना ‘छुपाना भी नहीं आता जताना भी नहीं आता’ गाकर हुनर हाट के माहौल को रोमांटिक बना दिया। इसके बाद उन्होंने दीवाना फिल्म का गाना ‘कोई न कोई चाहिए प्यार करने वाला’ और ‘मैं हूँ तेरा पागल मुंडा तू है मेरी सोनी कुड़ी’ गाया तो लोग झूमने के लिए मजबूर हो गए। प्रगति मैदान के हॉल नंबर 3 में लगे हुनर हाट में देश भर से आए करीब 500 दस्तकारों और शिल्पकारों के 282 स्टॉल लगे हैं। भारी संख्या में लोग हुनर हाट को देखने और खरीदारी करने आ रहे हैं। हॉल के सामने ओपन थियेटर है जहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जा रहे हैं। रविवार को हुनर हाट और थियेटर में ज़बरदस्त भीड़ दिखी। खचाखच भरे थियेटर में विनोद राठौड़ के सुरों ने चार चाँद लगा दिये। लोगों ने उनकी गायकी का जमकर आनंद लिया। हुनर हाट में रविवार की सुरमयी शाम की शुरुआत बॉलीवुड की चर्चित सिंगर प्रिया मलिक, विकास मिश्रा और चाँदनी मुखर्जी की गायकी से हुई। इन सभी ने अपनी आवाज़ का जादू चलाया। विनोद राठौड़ के सोलो सांग्स के बाद उनके साथ चाँदनी मुखर्जी ने राठौड़ के सुर में सुर मिलाया और दोनों ने मिलकर कई सुपरहिट गाने स्टेज पर गाए। प्रगति मैदान में चल रहे 33वें हुनर हाट का आयोजन केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी के नेतृत्व में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय कर रहा है। हुनर हाट का मकसद देश भर के दस्तकारों, शिल्पकारों की कला का सम्मान करते हुए उन्हें बड़ा मंच और मार्केट मुहैया कराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को मज़बूत करना है।