गजियाबाद में होगा ऐतिहासिक विराट वैश्य व्यापारी महाकुंभ

सुषमा रानी नई दिल्ली 18 दिसम्बर।प्रेस क्लब ऑफ इंडिया दिल्ली में प्रेस वार्ता को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद डा अनिल अग्रवाल ने बताया कि आगामी 19 दिसंबर 2021 को गाजियाबाद में वैश्य व्यापारी महाकुंभ “कमला नेहरू नगर ग्राउंड में आयोजित होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पीयूष गोयल केंद्रीय मंत्री भारत सरकार एवं माननीय राजेश अग्रवाल राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी व सुभाष चंद्रा राज्यसभा सांसद व zee न्यूज़ के मालिक व महेश पोद्धार राज्यसभा सांसद,अतुल गर्ग , राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार की उपस्थिति में यह कार्यक्रम होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में गाजियाबाद एवं पश्चिम क्षेत्र के 29  ज़िलों के समस्त व्यापारी एवं वैश्य बंधु अपनी उपस्थिति देकर इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाएंगे ।  अब समय आ गया है वैश्य समाज को भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कराने का, वैश्य समाज ही एक ऐसा समाज है जो हर कार्य में अग्रणी रहता है चाहे वह दान देने के लिए स्कूल कॉलेज धर्मशाला प्याऊ एवं समस्त कार्य में अग्रणी रहता है तो क्यों ना अब वैश्य समाज जागरूक होकर अपनी राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करवाएं आज वैश्य समाज विभिन्न घटकों एवं वर्गों में बटा हुआ है अगर सारे वर्ग और घटक मिल जाए तो भारत में वैश्य समाज अपना 23 पर्सेंट अपना जनाधार रखता है जिसकी जितनी भागीदारी उसकी इतनी जिम्मेदारी को देखते हुए आज राजनीतिक पटल पर वैश्य समाज की गिनती ना के बराबर है इसलिए आज युवा एवं समाज के सभी वर्गो से आपके माध्यम से निवेदन करता हूं कि आगामी 19 दिसंबर को अपना सारा काम छोड़ कर कमला नेहरू नगर में प्रातः 11:00 बजे ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर अपनी राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करें । विराट वैश्य -व्यापारी महा कुंभ आयोजित करने की आवश्यकता अनुभव होने के पीछे कुछ महत्त्वपूर्ण कारण हैं — वैश्य समाज का देश के सब प्रकार के  समुन्नत विकास से सरोकार रखने वाले प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है । देश को आर्थिक रूप से सम्पन्न और  सशक्त बनाने में 80% से अधिक योगदान वैश्य समाज का है। राष्ट्र को स्वथ्य और प्रगतिशील बनाने में शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, कला, संस्कृति, उद्योग, व्यापार, कृषि, खाद्यान्न, खाद्य आपूर्ति, दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यकता ओं की पूर्ति के क्षेत्र में वैश्य समाज की भूमिका अद्वितीय है । भारतीय संस्कृति के संरक्षण हेतु वैदिक शिक्षा के विकास में, देश को महा शक्ति बनाने के लिए आधुनिक तकनीक से सैन्य शक्ति, उद्योग शक्ति, समस्त क्षेत्रों में भौतिक रूप से उन्नत बनाने की दिशा में अद्भुत योगदान है ।  देश- विदेश में जब भी मानव जीवन  पर संकट आया है वैश्य समाज ने अपनी तिजौरियों को खोलकर अपने पूर्वज भामाशाह को याद दिलाने का प्रयत्न किया है, वैश्विक महामारी कोरोना काल में मानव जीवन , पशु पक्षी  तक के जीवन को बचाने में दिनरात तन, मन ,धन से योगदान दिया है देश का इतिहास साक्षी है कि वैश्य समाज की भूमिका स्वतंत्रता आंदोलन से पूर्व, आन्दोलन के दौरान, आन्दोलन के पश्चात् भारत को वैभवशाली राष्ट्र बनाने में  वैश्य समाज अग्रणी रहा है भारत में प्राचीन काल से कर्तव्य पालन की भूमिका की दृष्टि से चार वर्गों में दायित्व देकर समानता प्रदान की गई, तीसरा महत्वपूर्ण स्थान वैश्य समाज को मिला है। आज यह विचारणीय हो गया है कि वैश्य समाज की इतनी महान उपलब्धियों से देश के सर्व समाज को वैश्य समाज के योगदान से एक बार फिर परिचित कराया जाए  , यह अनुभव कराया जाए कि इतनी बड़ी उपलब्धियां होने के बाद भी देश और प्रदेश की सरकारों में उसकी हिस्सेदारी  बहुत कम है, उसके योगदान के अनुसार उसकी  आधिकारिक जिम्मेदारियों को बढा़ने की आवश्यकता है।  वैश्य समाज शान्ति, परस्पर प्रेम भाईचारा में विश्वास रखता है, सर्व समाज के सहयोग, देश और विश्व से प्रेम रखता है, विश्व को अपना कुटुंब है, हमारी संस्कृति का मूल मंत्र है, वसुधैव कुटुम्बकम् ।