सफाई व्यवस्था के नाम पर भाजपा ने पिछले 5 वर्षों में खर्चे लगभग 12 हजार करोड़ रुपये जो चढ़ा भ्रष्टाचार के भेंट ।- चौ0 अनिल कुमार

  मनोज टंडन नई दिल्ली, 05 जनवरी।दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली में 15 वर्षों से भाजपा शासित तीनो दिल्ली नगर निगमों ने सफाई व्यवस्था के नाम पर पिछले 5 वर्षों में लगभग 12 हजार करोड़ रुपये पानी की तरह पैसा बहाकर का भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान चलाऐ जाने के बावजूद तीनो निगमों में भ्रष्टाचार के चलते 21 शहरों के स्वच्छता सर्वे में राजधानी सबसे निचले पायदान पर है। 15 वर्षों से निगमों में शासित भाजपा द्वारा व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण दिल्ली चौतरफा बदहाल हो गई है।जिस पैसे को साफ सफाई पे खर्च करना था वो भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया क्योंकि दिल्ली में हर जगह कूड़े और गंदगी का अम्बार है। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि 2016 से 2021 तक पांच वर्षों में सफाई व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने 6284.66 करोड़, उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने 4998.10 करोड़ और पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने 476.62 करोड़ खर्च करने के बाद भी दिल्ली में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए है।भाजपा के शासन में विधवाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन भी भ्रष्टाचार के कारण वर्षों से रोकी हुई है। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी निगमों की है परंतु राजधानी में सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि सड़कों, गलियों, चौराहों पर जगह-जगह गंदगी व कूड़े के ढेर लगे हुए है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी में अस्पतालों में काम करने वाले जिन डाक्टरों, नर्सो, पेरामेडिकल स्टॉफ सहित सफाई कर्मचारियों को कोरोना यौद्धा कह के ताली-थाली बजवाकर सम्मान करने वाली भाजपा के शासन में इन्हीं कोरोना यौद्धा को वेतन नही मिलने के कारण हड़ताल पर जाना पड़ा, क्योंकि निगमों में भ्रष्टाचार के चलते इनका वेतन नही दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के भ्रष्ट प्रशासन की सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि पिछले कई वर्षों से कर्मचारियों के वेतन के बजट में ही कटौती कर दी गई। उन्होंने कहा कि अधिक गंदगी के चलते पूर्वी दिल्ली निगम का बजट लगातार 5 वर्षों तक बढ़ाये जाने के बाद भी यमुना पार सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नही आया है। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि पिछले दिल्ली नगर निगमों 15 वर्षों में शासित भाजपा की विफलताओं के चलते दिल्ली के तीनों निगम स्वच्छता रैकिंग में सबसे निचले पायदान पर है। उन्होंने कहा कि सड़कों की सफाई, नालियों-नालों की सफाई, डिस्लिटिंग के नाम भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नही हुआ।उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता राजधानी की बदहाल परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार भाजपा को आने वाले निगम चुनावों में सबक सिखाऐंगी।