दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में 90 प्रतिशत संक्रमितों को होम आईसोलेशन के लिए भेजा जा रहा है। – चौ0 अनिल कुमार

  सुषमा रानी नई दिल्ली, 7 जनवरी, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कोविड संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बाद देश में संक्रमण के मामले अत्यधिक बढ़ते रहे है और प्रतिदिन संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख को पार कर गया है। कोविड महामारी के दौरान नम्बर वन रही राजधानी दिल्ली में संक्रमण तेजी से फैल रहा है परंतु स्वास्थ्य व्यवस्था दुरस्त नही होने के कारण अधिकतर पाजिटिव मरीजों को अस्पताल में इलाज के लिए रखने की बजाय होम आइसोलेशन की सलाह दी जा रही है, जबकि राजधानी में आज स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली में 17000 पाजिटिव केस सामने आऐंगे और पाजिटिव मरीजों में से केवल 5-7 प्रतिशत को ही अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है, बचे हुए लगभग 90 प्रतिशत संक्रमितों को होम आइसोलेशन की सलाह दी गई है।   चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की नाकामियों को छिपाने के लिए प्रतिदिन संक्रमितों यह कह कर कि आपको कोविड कंट्रोल रुम से सम्पर्क बनाकर रखना होगा, जरुरत पड़ने पर टेस्ट और बेड आपको उपलब्ध करा दिया जाएगा जबकि स्वास्थ्य विभाग डाक्टर की सुविधा सम्पर्क का कोई आश्वासन नही दे रहा, मरीजों को भगवान भरोसे होम आईसोलेशन की सलाह दे रहा है, परंतु आक्सीमीटर नही दिए जा रहे है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि बुर्जुग संक्रमितों तक को होम आइसोलेशन की सलाह दी जा रही है। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि अधिकतर लोगों के घरों में क्रास वेंटिलेशन और खिड़कियां हवादार जगह कम होती जिससे कि संक्रमितों को अलग जगह दी जा सके, इसलिए दिल्ली सरकार चाहिए अधिकतर लोगों के लिए आइसोलेशन का इंतजाम किया जाए।   चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत डिस्पेंसरियों में कोविड संक्रमितों के लिए सुविधाओं का अभाव है और आम आदमी पार्टी के मौहल्ला क्लीनिकों में भी कोविड टेस्ट और टीकाकरण की कोई सुविधा उपलब्ध नही है। केजरीवाल की लाख घोषणाओं के बावजूद मौहल्ला क्लीनिक नकारा साबित रहे है क्योंकि मौहल्ला क्लीनिक अपने कार्यकर्ताओं को फायदा पहुचाने के लिए खोले गए है। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने 3 लाख प्रतिदिन कोविड टेस्ट कराने का वायदा किया था परंतु कोविड पीक की शुरुआत में लगभग 80,000 तक ही आर.टी.पी.सी.आर टेस्ट किए जा रहे है।