हज हाउस, मुंबई में हज 2022 के सम्बन्ध में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन

    मनोज टंडन/ब्यूरो मुंबई, 08 जनवरी, । केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री एवं उपनेता, राज्यसभा, श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहाँ कहा कि आपदा के खात्मे एवं लोगों की सेहत-सलामती के लिए संयम, सावधानी एवं प्रार्थना ही हज यात्रा 2022 को संभव बनाएगा। आज हज हाउस, मुंबई में हज 2022 के सम्बन्ध में दो-दिवसीय प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान श्री नकवी ने कहा कि लोगों की सेहत, सुरक्षा, सलामती को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण सुधार-सुविधाओं के साथ हज 2022 की संपूर्ण प्रक्रिया तय की गई है। श्री नकवी ने कहा कि हज 2022 की सम्पूर्ण प्रक्रिया के 100 प्रतिशत डिजिटल/ऑनलाइन होने से भी पैंडेमिक पीरियड में लोगों की सेहत, सलामती और पारदर्शी-सुगम-सरल-सुविधाजनक हज यात्रा सुनिश्चित होगी। हज 2022 के लिए आवेदन पत्र जमा किये जाने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2022 रखी गई है। हज के लिए आवेदन, ऑनलाइन और आधुनिक सुविधाओं से युक्त “हज मोबाइल ऐप” के जरिये भी किये जा रहे हैं। “हज मोबाइल ऐप” को अपग्रेड किया गया है। इसकी टैग लाइन “हज ऐप इन योर हैंड” है। “हज मोबाइल ऐप” में आवेदन पत्र, आवेदन पत्र को भरने की संपूर्ण जानकारी, आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया का वीडियो आदि उपलब्ध हैं। अभी तक 53 हजार से ज्यादा लोगों ने हज 2022 के लिए आवेदन किया है जिनमें 1000 से ज्यादा बिना मेहरम हज के लिए आवेदन करने वाली महिलाएं शामिल हैं। श्री नकवी ने कहा कि हज यात्रा के इच्छुक लोगों की चयन प्रक्रिया कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लिए जाने एवं भारत और सऊदी अरब की सरकारों द्वारा हज 2022 के समय तय किये जाने वाले कोरोना प्रोटोकॉल, दिशानिर्देशों एवं मापदंडों के तहत होगी। श्री नकवी ने कहा कि हज 2022 के लिए 21 की जगह 10 इम्बार्केशन पॉइंट्स तय किये गए हैं जिनमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, कोच्चि, दिल्ली, गौहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और श्रीनगर शामिल हैं। अहमदाबाद इम्बार्केशन पॉइंट से गुजरात के हज यात्री; बेंगलुरु इम्बार्केशन पॉइंट से कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के हज यात्री; कोच्चि इम्बार्केशन पॉइंट से केरल, लक्षद्वीप, पुडुचेर्री, तमिलनाडु, अंडमान एवं निकोबार के हज यात्री; दिल्ली इम्बार्केशन पॉइंट से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान के हज यात्री हज यात्रा 2022 पर जा सकेंगे। गौहाटी इम्बार्केशन पॉइंट से असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के हज यात्री; हैदराबाद इम्बार्केशन पॉइंट से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के हज यात्री; कोलकाता इम्बार्केशन पॉइंट से पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, त्रिपुरा, झारखण्ड और बिहार के हज यात्री हज यात्रा 2022 पर जा सकेंगे। लखनऊ इम्बार्केशन पॉइंट से पश्चिम उत्तर प्रदेश को छोड़ कर समस्त उत्तर प्रदेश के हज यात्री; मुंबई इम्बार्केशन पॉइंट से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दमन एवं दीव, दादरा एवं नगर हवेली और गोवा के हज यात्री और श्रीनगर इम्बार्केशन पॉइंट से जम्मू, कश्मीर, लेह-लदाख-कारगिल के हज यात्री हज यात्रा 2022 पर जा सकेंगे। श्री नकवी ने कहा कि सभी हज यात्रियों को डिजिटल हेल्थ कार्ड, “ई-मसीहा” स्वास्थ्य सुविधा, मक्का-मदीना में ठहरने की बिल्डिंग/ट्रांसपोर्टेशन की जानकारी भारत में ही देने वाली “ई-लगेज टैगिंग” की सुविधा भी दी जाएगी। भारत और सऊदी अरब में हज 2022 के लिए हज पर जाने वाले लोगों के लिए कोरोना प्रोटोकॉल और हेल्थ और हाइजीन के सम्बन्ध में विशेष ट्रेनिंग की व्यवस्था की गई है। श्री नकवी ने कहा कि बिना “मेहरम” (पुरुष रिश्तेदार) के लगभग 3000 से अधिक महिलाओं ने हज 2020-2021 के लिए आवेदन किया था। बिना “मेहरम” हज यात्रा हेतु जिन महिलाओं ने हज 2020 और 2021 के लिए आवेदन किये थे वह आवेदन हज 2022 के लिए भी मान्य रहेंगे, बिना “मेहरम” के हज पर जाने वाली सभी महिलाओं को बिना लॉटरी के हज पर जाने की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती निगार फातिमा एवं सीजीआई जेद्दा श्री मोहम्मद शाहिद आलम एवं हज कमेटी ऑफ इंडिया के सीईओ मोहम्मद याकूब शेख, विभिन्न अस्पतालों के विशेषज्ञ, कस्टम्स, एयरलाइन्स एवं विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत एवं वर्चुअली उपस्थित रहे। इस दो-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी राज्यों से 550 प्रशिक्षक व्यक्तिगत एवं वर्चुअली शामिल हुए हैं। पैंडेमिक को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यतः हेल्थ और हाइजीन की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा इन प्रशिक्षकों को हज कमिटी ऑफ इंडिया, मुंबई में किंगडम ऑफ सऊदी अरब के रॉयल कांसुलेट, मुंबई नगर पालिका, एयरलाइन्स, कस्टम्स के अधिकारियों एवं डॉक्टरों द्वारा हज यात्रा के दौरान “क्या करें/क्या ना करें” की जानकारी दी जा रही है। इसमें यातायात, जेद्दा में आवास, सऊदी अरब के कानूनों की जानकारी शामिल हैं। ये प्रशिक्षक देश भर में अपने-अपने राज्यों में ट्रेनिंग कैंप लगा कर हज यात्रा पर जाने वालों को प्रशिक्षण देंगे।