गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी को दी श्रद्धांजलि

    सुषमा रानी नई दिल्ली 13 जनवरी।हमारा देश 75 वा आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, जो स्वतंत्रता सेनानी हमारी किताबों में है उन्हें तो हम याद करते हैं कुछ ऐसे भी हैं जो गुमनामी के अँधेरौ में गुम हो गएl जिन लोगों ने आजादी की लिस्ट में अपना नाम दिया उनको पेंशन उनके बच्चों को पढ़ाई में जॉब में प्राथमिकता और परसेंटेज लाभ इत्यादि दिए गएl लेकिन आजादी के बाद कुछ स्वतंत्रता सेनानी फायदा नहीं उठाया, ऐसे ही स्वतंत्रता सेनानियों को, हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ढूंढ के उनको समानित करने का पुनय काम किया हैं l आज उन्हीं में से एक स्वतंत्रता सेनानी माननीय श्री सेवाराम गुप्ता की पुण्य तिथि पर मां शक्ति अंतरराष्ट्रीय संस्था ने उनको श्रद्धांजलि दी, और दिव्यांगों को कानूनी जागरूकता, निशुल्क कानूनी सहायता, नए ऊनी वस्त्र कपड़ों का वितरण और दिव्यांगों के उपकरण का रजिस्ट्रेशन भी फरीदाबाद से इंपीरियल ऑटो पार्ट्स के प्रमोटर्स एंड डायरेक्टर श्री जगजीत सिंह जी, रमेश पार्क से धीरज कुमार, छतरपुर मंदिर से श्री एन के सेठी जी, सीए श्री ध्रुव अग्रवाल दर्शना कुलकर्णी, अधिवक्ता राघव नारायण, पल्लवी दुबे और माधव नारायण, सतीश शर्मा जी एवं सिद्धार्थ के सहयोग से लक्ष्मी नगर में किया गया l श्री सेवाराम जी महात्मा गांधी के नजदीकी तथा बिरला मिल में मैनेजर थे,आजादी की लड़ाई में कई बार कई महीनों तक मुजफ्फरपुर, बिहार और बुलंदशहर की जेलों मे बँद रहे l महात्मा गांधी जी के देहांत के बाद शमशान मे फूल चुगने मे भी समलित थे l उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री बनारसी दास गुप्ता के साथ भी वह आजादी के लिए बैराक जेल मे रहे। श्री बनारसी दास गुप्ता ने सेवाराम जी पूछा कि स्वतंत्रता सेनानी की सुविधाएं आपने क्यों नहीं ली? सेवाराम गुप्ता जी ने कहा कि आजादी के लिए देश की सेवा करना उनका धर्म था । आजादी से पहले बिहार में भूकंप पीड़ितों के लिए डॉ राजेंद्र प्रसाद जी (राष्ट्रपति )के साथ मिलकर लोगों के पुनर्वास में अपना संपूर्ण योगदान दिया | 1946 में वह कांग्रेस अधिवेशन का संचालन कर रहे थे, जिसमें कांग्रेस के मुख्य पदाधिकारी चक्रवर्ती गोपाल आचार्य, जवाहरलाल नेहरु जी, शिक्षा मंत्री सुशीला नैयर, मौलाना आजाद, कांग्रेस के बड़े बड़े अधिकारियों के साथ उनके फोटोग्राफ आज उनके परिवार के पास है| उन्होंने ने बिरला मिल की तरफ से कनखल हरिद्वार में पाकिस्तान से हिंदुस्तान में आए लोगों के लिए बड़ा रिफ्यूजी कैंप लगाया जिसके अंतर्गत बहुत अच्छे स्तर की सुविधाएं दी गई । गांधी जी की समाधि पर विनोबा भावे जी प्रवचन का प्रोग्राम उन्होंने आयोजित किया था l जवाहरलाल नेहरू के मरने के बाद श्रीमती इंदिरा गांधी जी प्रधानमंत्री बनना चाहती थी, कांग्रेस के पुराने पदाधिकारी को यह पसंद नहीं आया तो इंदिरा गांधी जी ने कांग्रेस आई के नाम से पार्टी बनाई जिसके अध्यक्ष बनकर वह प्रधानमंत्री बनी। पुरानी कांग्रेस ने “संगठन कांग्रेस” के नाम से एक संगठन बनाया जिसमें अलीगढ़ शहर से श्री सेवाराम गुप्ता जी उपाध्यक्ष चुने गए थे। बिरला मिल के मालिक श्री घनश्याम दास गुप्ता ने गांधी जी का ध्यान रखने के लिए सेवाराम गुप्ता जी को नियुक्त किया गया ।गांधी जी को बकरियों का दूध देते थे और एक तखत जो सिरहाने से 1 फुट का था और पैर की तरफ 6 इंच का था जिस पर गांधीजी सोते थे वह सेवाराम गुप्ता जी को गांधी जी ने दे दिया था। जिस चक्की से महात्मा गांधी जी गेहूं पीसते थे, देश की धरोहर गांधी जी की चक्की और कुछ सामान के साथ पुराने फोटोग्राफ आज भी उनके परिवार के पास सुरक्षित है ।