Headlines

यूपी: रोडवेज को लाखों का झटका देने वाले चार हैकर्स  गिरफ्तार

यूपी: रोडवेज को लाखों का झटका देने वाले चार हैकर्स  गिरफ्तार

अपराध, ब्रेकिंग न्यूज़

स्टार न्यूज टुडे

लखनऊ। निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने उप्र परिवहन विभाग की वेबसाइट को हैक कर ई-टिकट की बुकिंग के लाखों रुपये हड़प लिए। टिकट की रकम सरकारी खजाने में नहीं पहुंचती थी और ई-टिकट बुक हो जाता था। बाद में सोशल मीडिया पर सक्रिय ग्रुपों के जरिये ई-टिकट लोगों को सस्ती दर पर बेचकर उसकी रकम सीधे अपने खातों में जमा कराई जाती थी।

एसटीएफ ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, इनमें दो नाबालिग हैं। आरोपितों के खिलाफ वजीरगंज कोतवाली में पहले से ही आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। परिवहन विभाग के प्रबंध निदेशक ने आइजी एसटीएफ अमिताभ यश से शिकायत की थी कि ई-टिकट की जितनी बुकिंग की जा रही है, उतनी रकम विभाग को हासिल नहीं हो रही है। इस पर एसटीएफ ने छानबीन शुरू की और कानपुर के कल्याणपुर निवासी अमित कुमार भारती व मुदित शर्मा सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर इस धांधली का राजफाश किया। उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मुदित कानपुर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र है। कई अन्य छात्र भी इस गिरोह से जुड़े हैं।

एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि आरोपितों ने वेबसाइट की कमियों को उजागर करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले वेब एप्लीकेशन सिक्योरिटी टेस्टिंग सॉफ्टवेयर ‘बर्प सुईट का इस्तेमाल यूपीएसआरटीसी के ऑनलाइन पेमेंट की कमियों को खोजने में किया। ‘बर्प सुईट का प्रयोग कर ‘मैन इन द मिडल अटैक किया। जिसमें निजी बैंक के पेमेंट गेटवे की तकनीकी खामी का फायदा उठाते हुए पेमेंट गेटवे से यूपीएसआरटीसी को जा रहे पेमेंट गेटवे कंफर्मेशन डाटा से छेड़छाड़ की गई।

ऐसा करके बिना पेमेंट किए ही यूपीएसआइटीसी की वेबसाइट को फर्जी सक्सेसफुल पेमेंट कंफर्मेशन भेज दी जाती थी। आरोपित ऐसे बिना कोई भुगतान किए ही परिवहन विभाग की बस सेवा के ई-टिकट बुक करा लेते थे। एसएसपी का कहना है कि पूछताछ में सामने आया है कि ऐसे अन्य गिरोह अन्य प्रदेश की राजधानी में भी सक्रिय हैं। गिरोह ने फर्जी आइडी पर लिए सिम का प्रयोग करते थे और मोबाइल से भी ई-टिकट बुक कराते थे। आरोपितों को वजीरगंज क्षेत्र से पकड़ा गया है।

साइबर ठग वाट्सएप व फेसबुक के जरिये कई ग्रुप संचालित कर रहे हैं। गिरोह भी इन ग्रुपों के जरिये लोगों से जुड़ता था और उन्हें चालीस प्रतिशत डिस्काउंट तक बस टिकट उपलब्ध कराने का प्रलोभन देता था। संपर्क में आने वाले लोगों को सस्ती दर पर टिकट देकर रकम सीधे हासिल कर ली जाती थी। गिरोह पिछले कई माह से सक्रिय था और लाखों रुपये हड़प चुका है। गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है।