मिथिला विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में 29-30 सितम्बर को उर्दू पर होने वाले सेमिनार के आमंत्रण पत्र से हिन्दी एवं उर्दू गायबः नेयाज अहमद

मिथिला विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग में 29-30 सितम्बर को उर्दू पर होने वाले सेमिनार के आमंत्रण पत्र से हिन्दी एवं उर्दू गायबः नेयाज अहमद

दरभंगा-28 सितम्बर, 2018 (प्रेस-विज्ञप्ति)

मिथिला विश्व विद्यालय के उर्दू विभाग के द्वारा दिनांक-29 एवं 30 सितम्बर, 2018 को उर्दू के विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया है। इस सेमिनार के लिए जो आमंत्रण पत्र वितरण किया जा रहा है उसमें उर्दू की जगह अंग्रेजी का प्रयोग किया गया है। साथ ही सेमिनार में वरिष्ठ कन्ष्ठि का भी ख्याल नहीं रखा गया है। यह बहुत ही हास्प्रद स्थिति है उर्दू विभाग का जहाँ के प्रोफेसर जनाब उर्दू के नाम पर मोटी राशि उठाते हैं और अंग्रेजी इस्तेमाल करते हैं। उक्त बातें इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने प्रेस ब्यान में कही। श्री नेयाज ने किसी कवि के कविता को रेखांकित करते हुए उर्दू की वास्तविक स्थिति पर कहा ‘‘गले में टाई उर्दू की, बदन पर जिंस उर्दू की, कि सारी उम्र खाई है फकत बालाई उर्दू की, प्रोफेसर हैं ये उर्दू के, उर्दू से कमाते हैं, मगर अपने बच्चों को ये अंग्रेजी ही पढ़ाते हैं।’’
उन्होंने आगे कहा कि कम से कम विषय उर्दू नहीं तो राष्ट्र भाषा हिन्दी भाषा में अवश्य होना चाहिए जिससे आमजन इसे समझ सके और इस संगोष्ठी में सम्मिलित हो सके। ज्ञात हो किसी भी आमंत्रण पत्र में अतिथि, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और सम्मानित अतिथि होता है मगर इस आमंत्रण पत्र में एक नई विद्या बहुत विशिष्ट अतिथि ;टमतल ैचमबपंस ळनमेजद्ध तीन व्यक्तियों को बनाया गया है जो आमजनों के बीच मजाक का विषय बना हुआ है। श्री नेयाज ने यह भी कहा कि जब उर्दू विभाग (उर्दू के रक्षक) ही उर्दू को नजरअंदाज कर रहे हैं तो उर्दू कहां जाकर जगह लेगी। सरकार के करोड़ों रूपये का उर्दू के नाम पर पहले से ही फर्जी उर्दू दाँ जिनका उर्दू से दूर दूर तक कोई रिश्ता नहीं है लूट कर अपनी दुकान चला रहे हैं ऐसे में जब उर्दू विभाग के प्रोफेसरान जो उर्दू के नाम पर मोटी तंखाह उठाते हैं वह भी उर्दू को नजरअंदाज करेंगे तो उर्दू को बर्बाद होने से कोई रोक नहीं सकत