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गुजरात में बिहारियों के बुरे दिन 8 हजार लोग पलायन कर सहमे हुए बिहार पहुंचे

गुजरात में बिहारियों के बुरे दिन  8 हजार लोग पलायन कर सहमे हुए बिहार पहुंचे
अशरफ अस्थानवी
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य  गुजरात में बिहारियों के साथ अभद्र व्यवहार का सिलसिला निरंतर जारी है और अब तक लगभग 8 हजार लोग गुजरात छोड़ कर बिहार लौट आये है। अहमदाबाद के  साबरकांठा में 14 माह की बच्ची से दुष्कर्म के बाद गैर गुजरातियों, खासकर बिहार-यूपी के लोगों पर हमलों के बीच 8 हजार से ज्यादा लोग पलायन कर चुके हैं। चार दिन में इन पर 42 हमले हुए। गैर गुजरातियों के खिलाफ आक्रोश महेसाणा, साबरकांठा, अहमदाबाद (ग्रामीण), अहमदाबाद (शहरी), अरावली, पाटण, गांधीनगर में सबसे ज्यादा दिखा।
342 गिरफ्तार: हिंसा में शामिल 342 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ितों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी की गई। बस्तियों के साथ-साथ जिन फैक्ट्रियों में वे लोग काम करते हैं, वहां भी सुरक्षा बढ़ाई गई। गुजरात के गृहराज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने रविवार शाम बैठक करके हालात की समीक्षा की
दुष्कर्म में बिहार का युवक: दरअसल, साबरकांठा के हिम्मतनगर में 28 सितंबर को बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। इस मामले में बिहार के एक युवक को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद से ही गैर गुजरातियों को राज्य से बाहर निकालने के लिए प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया।
श्रमिक बोले- जाने में ही भलाई: उत्तर गुजरात हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित है। कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर इसी क्षेत्र से हैं। उन्होंने ही सबसे पहले गैर गुजरातियों को बाहर करने की बात छेड़ी। चार जिलों महेसाणा, पाटण, बनासकांठा-साबरकांठा और अरावली में पांच दिनों से छोटी दुकानें और ठेले नहीं लग रहे। लौट रहे श्रमिकों ने कहा कि रात में घर आकर धमकाते हैं। धमकी वाले वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।
कल रात  वडोदरा हाईवे के जरोद में दो कंपनियों पर भीड़ ने हमला किया। इसमें 10 लोग घायल हो गए। धारदार हथियार और डंडों से लैस लोगों ने गैर गुजराती श्रमिकों को रविवार सुबह तक इलाका छोड़ने की धमकी दी। वडोदरा के सोमा तालाब ब्रिज के पास भी स्थानीय और गैर-गुजराती लोगों के बीच संघर्ष हुआ।
डीजीपी बोले- पलायन नहीं, त्योहार मनाने घर जा रहे: पलायन के सवाल पर गुजरात के डीजीपी शिवानंद झा ने कहा कि लोग त्योहार मनाने घर जा रहे हैं। इसे पलायन कहना ठीक नहीं। गैर गुजरातियों की आबादी वाले इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया।
ये भी वास्तविक सत्य है कि गुजरात में 40% आईएएस-आईपीएस यूपी-बिहार से आते हैं  डीजीपी शिवानंद झा व मुख्य सचिव जेएन सिंह बिहार से ही हैं। गृह सचिव ए.के. तिवारी यूपी के हैं। राज्य में 243 आईएएस हैं, जिनमें से 48 यूपी-बिहार के हैं। 167 आईपीएस में 14 यूपी 18 बिहार के हैं। लेकिन उपद्रवियों से निपटने में गुजरात प्रशासन विफल रहा है। बिहार में गुजरात में इस प्रकार के घटना के विरुद्ध लोगों में ज़बरदस्त आक्रोश है।
बिहार के मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने गुजरात के मुख्यमंत्री  विजय रूपाणी से  से भ्यावा स्थिति को देखते हुवे बात की है. मुख्यमंत्री नीतीश ने बताया कि मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री से बात की है. हम लगातार उनके संपर्क में हैं. गुजरता सरकार भी पूरे स्थिति पर नजर बनाये हुए है. नीतीश कुमार ने कहा कि जिन्होंने अपराध किया है उन्हें दंडित किया जाना चाहिए. लेकिन, दूसरों के लिए कोई पूर्वाग्रह नहीं होना चाहिए. किसी और के किये गलती की सजा किसी और को नहीं मिलनी चाहिए.

ASHARAF ASTHANVI
Senior Journalist
Cell- 09431221357, 07870711841