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पैर पर कुर्सी बन एक घण्टा तक बैठ पढ़ाई करती है किरण, गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने का है सपना

पैर पर कुर्सी बन एक घण्टा तक बैठ पढ़ाई करती है किरण, गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने का है सपना
आमस (गया)
स्टार न्यूज़ टुडे- 
 
लहरों से डरकर कभी नौका पार नहीं होती
चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर सौ बार गिरती है.
मन का विश्वाश रगों में साँस भरता है,
गिरकर चढ़ना, चढ़कर चढ़कर गिरना नहीं अखरता है.
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.
इन्हीं चन्द पंक्तियों से प्रेरित हैं आठ वर्षीय प्रतिभावान छात्रा आस्था किरण. किरण अपने एक पैर पर बैठ एक घण्टा तक बैठ पढ़ाई करती है. वह बिल्कुल सहजता से किताब, अखबार और अपने जीवन के लक्ष्य प्राप्ति को लेकर तैयारियां भी इसी प्रकार करती है. किरण ने बताया कि यह मैं बचपन के दिनों से अभ्यास कर रही हूँ तभी आज मैं लगातार एक घण्टे एक पैर पर कुर्सी के आकार बैठ कर अपना अध्ययन कर पा रही हूँ हालाँकि यह मेरा शौख है इसलिए इसका अभ्यास आगे भी जा रही रहेगा.
◆ गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने का है सपना
 यूँ तो अपने देश में एक से बढ़कर एक प्रतिभावान हैं. उसी फेहरिस्त में एक और नाम आस्था किरण भी जुड़ गया है. किरण बताती है कि मैं एक पैर पर कुर्सी आकार में बैठ एक घण्टे से अधिक का अभ्यास कर रही हूँ. हमारी कोशिश है कि आने वाले दिनों में यात्रा के क्रम में अगर सीट नहीं मिलेगी तो मैं इसी अभ्यास की मदद से अपना जगह एडजस्ट कर लुंगी या फिर ज़रूरतमन्द व्यक्ति को सफर के दौरान अपनी सीट ऑफर कर मैं आराम से अपने नेचुरल कुर्सी पर बैठ जाऊंगी. बुलन्द हौसले के साथ यह भी कहती है कि मैं अपने प्रयास को यहीं नहीं छोड़ने वाली बल्कि इसे दुनिया के सबसे मशहूर किताब गिनीज बुक में अपना नाम दर्ज कराकर ही दम लुंगी. 
◆ कौन है आस्था किरण
आस्था किरण मानव भारती पब्लिक स्कूल की आठवीं की होनहार छात्रा है जो आमस थानाक्षेत्र के चण्डिस्थान में रहकर पढ़ाई कर रही है जिसका पैतृक मकान गुरुआ थाना के करताही गाँव में है. किरण अपने जीवन मे एक सफल डॉक्टर बनकर गरीबों का मुफ्त इलाज करना उसका मुख्य उद्देश्य है. किरण के पिता धर्मेंद्र कुमार सिंह बताये हैं कि उसका इंट्रेस्ट डांस, कंप्यूटर चलाना और चित्रकला है. वो अपने भाई-बहन में सबसे बड़ी है जो अभी से ही अपने जीवन मे कुछ अलग करने की सोच रखती है.