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केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ पुलिस के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पद को डीएएनआईपीएस में विलय करने के अपने फैसले पर रोक लगा दी है

केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ पुलिस के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पद को डीएएनआईपीएस में विलय करने के अपने फैसले पर रोक लगा दी है

hindustan



नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ पुलिस के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पद को डीएएनआईपीएस में विलय करने के अपने फैसले पर रोक लगा दी है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी।

अधिकारी ने कहा, “चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी पदों का दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप, लक्षद्वीप, दमन एवं दीव और दादर एवं नागर हवेली पुलिस सेवा (डीएएनआईपीएस) में विलय की 5 सितम्बर की तारीख वाली गृह मंत्रालय की अधिसूचना को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।”

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, इस अधिसूचना का चंडीगढ़ पुलिस अधिकारियों ने विरोध किया और केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में इसको चुनौती दी थी। इसके बाद यह कदम उठाया गया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने भी गृह मंत्रालय के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि यह फैसला चंडीगढ़ पर पंजाब के दावे को कमजोर करता है। साथ ही उन्होंने इसे पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 का उल्लंघन करार दिया था।

गृह मंत्रालय की 25 सितम्बर को जारी अधिसूचना को विरोध का सामना करना पड़ा था क्योंकि इसमें केंद्र शासित चंडीगढ़ के डीएसपी पदों पर तैनात अधिकारियों को कम से कम तीन वर्षों तक चंडीगढ़ से बाहर दिल्ली, अंडमान व निकोबार द्वीप, लक्षद्वीप, दमन व दीव और दादरा व नगर हवेली जाने की शर्त रखी गई थी। अभी तक चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी रैंक के अधिकारियों को शहर से बाहर नहीं भेजा जाता रहा है।