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बेटियों / बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करता हैं नवरात्री

बेटियों / बालिकाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करता हैं नवरात्री

नवरात्री पर्व नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है — राजयोगी ब्रम्हकुमार भगवान

 नवरात्र में “कन्या पूजन ”  के अवसर पर  “बालिका सशक्तिकरण” विषय  पर प्रजापिता ब्रम्हा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में बिहार इंटरफेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन और यूनिसेफ के सहयोग से परिचर्चा का आयोजन

पटना१७ अक्टूबर, २०१८

 आज राजधानी के प्रजापिता ब्रम्हा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में बिहार इंटरफेथ फॉरम फॉर चिल्ड्रेन के द्वारा  नवरात्र के ८वे दिन  “कन्या पूजन ”  के अवसर पर  “बालिका सशक्तिकरण” विषय  पर प्रजापिता ब्रम्हकुमारी के भाई-बहनों  के साथ एक परिचर्चा का आयोजन किया गया । इस अवसर पर राजयोगिनी ब्रम्हकुमारी  संगीता, निदेशिका प्रजापिता ब्रहमकुमारी, पटना राजयोगी ब्रम्हकुमार भगवान भाई जी, प्रशिक्षक प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू बी.के.सत्येंद्रबी.के.मीनाबी . के. ज्योति , विकासार्थ ट्रस्ट की सचिव सुनीता सिंह,  उमाशंकर सिंह एवं मोहम्मद साकि उपस्थित रहे ।

बिहार इन्टर फेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन – सभी धर्मों का साझा मंच है जो बाल अधिकार और बच्चो की बेहतरी के लिए, यूनिसेफ बिहार के तकनीकी सहयोग से कार्य कर रहा है. इस फोरम में बिहार के सभी धर्म से जुड़े धर्मगुरु और अध्यात्मिक गुरु शामिल है.

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राजयोगी ब्रम्हकुमार भगवान ने कहा कि ” नारी जागी तो संसार जागा, नारी सोई तो संसार सोया “। नवरात्री पर्व नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है ,नारी तभी सशक्त होंगी ,जब हमारी बालिकाएं सशक्त एवं सक्षम होंगीं । नवरात्री हमें कुंवारियों को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करता है । हमें जरुरत है कन्याओं में गुणों और कौशल का विकास करने की । हर बालिका को शिक्षित किया जाना चाहिए । बालिकाओं को शिक्षित और सक्षम  बनाकर ही समाज में फैले अंधकार ,कुप्रथाएं एवं कुरीतियों को मिटाया जा सकता है। हमारी लडकियां सही सम्मान और अपने अधिकारों से वंचित है । हमारे समाज में बालिकाओं के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण व्याप्त है । आज भी जन्म के समय लड़कियों की हत्या कर दी जाती है, परन्तु लोग ये नहीं जानते कि नारियों के बिना इस सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती ।  प्रजापिता ब्रम्ह कुमारी के भाई-बहनों का कर्त्तव्य है कि वे समाज से किशोरियों के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण को ख़त्म करें और उन्हें विकास के रास्ते पर लाएं  और अपने समाज की  किशोरियों को समर्थ बनाने में सहयोग दें।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजयोगिनी ब्रम्हकुमारी  संगीता ने कहा कि नारी शक्ति का बहुत ही महत्व है । संसार की सारी मुख़्य शक्ति नारी में निहित है, चाहे वो धर्म , विद्या या धन कि शक्ति हो । शक्ति की देवी दुर्गा, विद्याकी  देवी सरस्वती और धन  देवी लक्ष्मी हैं । यहाँ तक कि भारत देश एवं प्रमुख नदियों को भी माँ से सम्बोधित किया गया है । लेकिन आज हमारे सामाजिक जीवन की  मान्यता है ,” नारी जीवन तेरी यही कहानी ,आँखों में आंसू और आँचल में है पानी ” । हमें इस कहावत को बदलने कि जरुरत है । बिहार इंटरफेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन  बच्चे एवं बच्चियों के विभिन्न अधिकारों की प्राप्ति के लिए समाज को जागरूक कर रही है । प्रजापिता ब्रम्हकुमारी भी इसकी सक्रिय सदस्य हैं. प्रजापिता ब्रम्हकुमारी ने बहुत  सारा कार्य किशोरी शक्ति के हाथों में देकर ,बालिका सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है ।  इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी परिवार के लगभग १०० लोगों ने लिया है.

 

गौरतलब है किसरकारी आंकड़ों के अनुसार  बिहार में शिशु मृत्यु दर (IMR) 42 है यानि  बिहार में प्रति 1000  जीवित जन्मे बच्चों में से ४२ बच्चे अपना पहला जन्मदिन नहीं मना पाते है . ये चिंता की बात है.   लड़कियों की शिशु मृत्यु दर 46 है  जो कि  लड़कों के शिशु मृत्यु दर (31) से बहुत ज्यादा  है,  इसका मतलब है की जन्म के बाद लड़कियों के स्वास्थ्य को नजरंदाज किया जा रहा है. नवजात बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए सरकार द्वारा स्थापित विशेष नवजात देखभाल ईकाई (SNCU- Special Newborn Care Unit) जिन बच्चों को भर्ती किया जाता है उनमे से 63% फीसदी लड़के है वहीं लड़कियों का प्रतिशत मात्र 37 है  जो की काफी कम है। लड़कियों में शिक्षा की स्तिथि भी अच्छी नहीं है । NFHS 4 के अनुसार बिहार में 42.5 % महिलाये ऐसी है जिनका विवाह 18 साल से पहले हो चूका है  बाल विवाह के कारण राज्य कि 12% किशोरियां 18 साल से पहले ही गर्भवती / मां बन चुकी थी,  15 साल से ऊपर की किशोरियों /महिलाओं  में से 60% एनीमिया की शिकार है । इसका मुख्य कारण उनके पोषण पर ध्यान नहीं दिया जाना है । पिछले दशक में बिहार में बच्चों के विकास  से सम्बंधित विभिन्न सूचकांक में काफी सुधार हुआ है  परन्तु इसमें और सुधार करने की आवश्यकता है । बिहार सरकार द्वारा लागू की गई मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना बालिकाओं के स्वास्थ्य , शिक्षा, स्वावलंबन, और सशक्तिकरण की और एक अच्छा प्रयास है.

BIFC के सभी सदस्य, बच्चों के सर्वांगीण विकाश के लिए, समाज की कुरीतियों और गलत मान्यतावों को मिटाने के लिए प्रयासरत हैं.

 

 

ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करें

निपुण गुप्ता

संचार विशेषज्ञ, यूनिसेफ, बिहार

9771410150