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लम्बे समय से लापता रहे मंत्री की प्रेसवार्ताओं का दौर शुरू: भड़के ओमप्रकाश

लम्बे समय से लापता रहे मंत्री की प्रेसवार्ताओं का दौर शुरू: भड़के ओमप्रकाश

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व जिले के सांसद व विधायक रहे ओमप्रकाश सिंह सी0बी0आई0 जांच के दायरे में अखिलेश यादव के आने के बाद तिलमिलाये ंहुये है और उन्होनें प्रेस वार्ता कर मोदी व योगी सरकार को निकम्मा बताते हुए सारी योजनाओं के जांच की बात करते है। ज्ञात हो कि यह वही ओमप्रकाश सिंह है जब सरकारी आती है तब इनके फोन पर भी जनपदवासी बात नही कर पाते । पत्रकारों का तो फोन पी0ए0 तक भी उठाने से संकोच करता है। पंाच साल तक देश व विदेश की यात्राओं में हमेशा बाहर ही रहते है। प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारो ने पूछा कि क्या यह गठबंधन सी0बी0आई0 के डर से है तो मंत्री जी ने कहा कि राजनीति में शैतान से लड़ने के लिये ऐसा करना पड़ता है।

ओमप्रकाश सिंह ने मोदी व योगी सरकार को निकम्मा व झूठ बोलने वाली सरकार बताया है और कहा कि विकास व नौकरी के नाम पर कम्पनी बनाकर जिले के सांसद मनोज सिन्हा गलत काम कर रहे है। देश के विकास का ढिढोंरा पीटने वाले मनोज सिन्हा किसी रेल को सही समय पर चला पाने में अक्षम हैै। अगर जांच ही करनी है तो शौचालय घोटाला और तमाम नोटबन्दी जैसे घोटाले की जांच के साथ-साथ राफेल की भी जांच सी0बी0आई0 से करानी चाहिये। पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने लगे हाथ यह भी चेतावनी दे दिया कि अगर उनके मुखिया पर गम्भीर आरोप लगे और जांच के बाद फसाने की बात की गयी तो प्रदेश भर के समाजवादी व विश्वविद्यालयों के लोग सड़क पर उतरकर गम्भीर आन्दोलन चलायेगें।

पूर्व मंत्री ने गहमर थाने के दरोगा पर लाखो रूपये महीने वसूली करने का भी आरोप लगाया और कहा कि गहमर और जमानिया इलाके में तैनात पी0ए0सी0 व पुलिस को हटा देने से बिहारी बदमाशों की सरगर्मी बढ़ गयी है। गंगा तटीय इलाको में लूट हत्यायें व बलात्कार की घटनायें बढ़ गयी है। इसके विरोध में भी गाजीपुर में बहुत बड़ा प्रदर्शन किया जायेगा। गठबंधन के मौके पर पूछे जाने पर पूर्व मंत्री अपने चिर परिचित अंदाज में पत्रकारों को घुड़की देने में भी पीछे नही रहे। कुल मिलाकर लम्बे समय से जिले व प्रदेश की राजनीति में दखल रखने वाले ओमप्रकाश सिंह सत्ता आते ही वी0आई0पी0 गलियारों में चले जाते है और लोकल पत्रकारों के बजाय कुछ निजी पत्रकारों के ही सम्पर्क में रहते है। दिसम्बर महीने के बाद जनवरी के पहले हफ्ते में ही प्रेस वार्ता कर अपनी आवाज उपर पहुंचाना चाहते है।

हालाकि कई मुददो पर मंत्री जी ने अपने पुराने अंदाज में बेबाकी से जवाब दिया और प्रयास किया कि उनका यह संदेश पार्टी के उचें नेतृत्व तक पहुचें और आगामी लोकसभा चुनाव या गठबन्धन में समर्थक समाजवादियों का कद ऊॅंचा हो।