बाल वैज्ञानिकों ने भूपनगर का किया सर्वे, चापाकल व कुआँ के पानी का लिया सैम्पल

बाल वैज्ञानिकों ने भूपनगर का किया सर्वे, चापाकल व कुआँ के पानी का लिया सैम्पल

आमस

प्रखण्ड मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर पहाड़ के तलहटी में बसे भूपनगर में शनिवार को किलकारी बाल भवन पटना के बाल वैज्ञानिकों के टीम ने दौरा किया. जहाँ वैज्ञानिकों ने गांव में घुमकर चापाकल और कुआँ के फ्लोराइड युक्त पानी का सर्वे किया. गौरतलब है कि उक्त गाँव के पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा पायी जाती है जिसके कारण यहाँ लोग अपंग हो जाते हैं. हालाँकि वर्ष 2003 में दिल्ली की एक निजी संस्था ने गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया था. वर्ष 2010 तक लोगों को शुद्ध जल मिला. ग्रामीणों ने बताया कि गत वर्षों से मेंटेनेंस नहीं होने से लोग अशुद्ध पानी पीने पर विवश हैं. बाल वैज्ञानिकों का नेतृत्व कर रहे सुधीर कुमार और धीरज कुमार ने बताया कि इस गांव के पानी का सैम्पल लेकर हमारे बाल वैज्ञानिक इस पर सर्वे करेंगे. बाल वैज्ञानिकों में अर्पित कुमार, अक्षत आदर्श, अभिजीत के साथ आमस प्रखण्ड शिक्षक अध्यक्ष कपिलदेव पासवान और शिक्षक एनामुलहक़ अंसारी मौके पर मुख्य रूप से मौजुद रहे.