त्रिशंकु होगा लोकसभा होने के संकेत,23 मई के बाद कौन संभालेगा देश की कमान ?

त्रिशंकु होगा लोकसभा होने के संकेत,23 मई के बाद कौन संभालेगा देश की कमान ?
अशरफ अस्थानवी
लोक सभा चुनाव अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। अब केवल 59 सीटों का फैसला होना बाकी है। लेकिन जमीन रिपोर्ट जो संकेत मिल रहे हैं इससे सत्तारूढ़ गठबंधन की परेशानी बढ़ गई है। गठबंधन के नेताओं खासकर वे नेता जो पार्टी से भी बड़े हो गए हैं वह बहुत ही परेशान हैं। घबराहट में वह उल जलूल बयान दे रहे हैं। बहुत ही अमर्यादित अशोभनीय एवं  असंसदीय भाषा का प्रयोग कर अपने हश्र से अनभिज्ञ होकर विपक्ष के नेताओं को उनका हश्र बताने में व्यस्त हैं। ग्राउंड रिपोर्ट यह कहती है कि 17 वां लोकसभा त्रिशंकु  होगी और इसमें तीन बड़े समूह नज़र आ सकते हैं। पहले समूह एनडीए का होगा। दूसरा कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए का तो  तीसरा वह समूह होगा जो कांग्रेस और भाजपा दोनों से दूरी बनाकर चल रहा है इसी संभावना के मद्देनजर तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस नेता के चन्द्रशेखर राव ने गैर भाजपा और गैर कांग्रेस फेडरल फ्रंट बनाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। लेकिन उनकी इस कोशिश को करारा झटका लगा है।
के चंद्रशेखर राव ने कल ही  द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन से मुलाकात की, लेकिन परिणाम आशा के अनुरूप नहीं रहा। सूत्रों का कहना है कि श्री स्टालिन ने के सी आर से साफ तौर पर कह दिया कि वह भी कांग्रेस को समर्थन दें और कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनाने में मदद करें। द्रमुक के कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन बन चुका है। इसके अलावा कई मौकों पर स्टालिन प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी के नाम का एलान भी  कर चुके हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद डीएम के नेता सर्वनन अन्नादोराई ने बताया कि ” हमारे नेता एमके स्टालिन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के सीआर से कहा है कि वह कांग्रेस गठबंधन को समर्थन दें। ” क्योंकि 2019 के चुनाव में राज्यों के नेता ही 23 मई के बाद मूल नायक होंगे।
पिछले सप्ताह श्री राव ने अपने प्रयासों के तहत केरल के मुख्यमंत्री पी वैजयंती से मुलाकात की थी, और एमके स्टालिन से मिलने का समय मांगा था, लेकिन उस समय डीएमके प्रमुख चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। इस समय डीएमके नेताओं ने कहा था कि यह स्टालिन का संकेत है कि वह बैठक नहीं करना चाहते। कल ही  दोनों नेताओं के बीच बैठक एक घंटे तक चली। बैठक के बाद चंद्रशेखर राव मीडिया से बिना बातचीत किए ही चले गए.डी एमके पार्टी के हवाले से सूत्रों ने कहा कि स्टालिन ने फेडरल फ्रंट में शामिल होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि के सी आर कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए को समर्थन दें। स्टालिन से मुलाकात के बाद अब के सी आर या उनकी पार्टी टीआरएस से कोई प्रतिक्रिया नहीं आया है। इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनाने की संभावना खोजने हेतु आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टी डी पि  प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की थी और चुनाव तिथि से पहले 21 मई को गठबंधन बैठक में शरीक होने के लिए आमंत्रित किया था लेकिन ममता ने इस कार्यक्रम को परिणाम आने तक टाल दिया। ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक भी स्तिथि  का जायजा ले रहे हैं और उन्होंने भी अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। मतलब यह है कि चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्थिति के अनुसार लोग तय करेंगे। उस  समय जिस पार्टी का प्रबंधन मजबूत होगा वही सत्ता पर कब्जा जमाने में सफल होगी।