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अगले 6 माह में पटना जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने का लें संकल्प रू विजय कुमार सिन्हाए मंत्रीए श्रम संसाधन विभाग विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर श्रम संसाधन विभाग के द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन

अगले 6 माह में पटना जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने का लें संकल्प रू विजय कुमार सिन्हाए मंत्रीए श्रम संसाधन विभाग विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर श्रम संसाधन विभाग के द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन

पटनाए 12 जूनए 2019
सभी बच्‍चों को सुरक्षित और बेहतर बचपन देना उनके विकास के लिए बहुत ही महत्‍वपूर्ण है। विश्वस्तर पर बाल श्रम के मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है ण् बच्चे हमारे भविष्य की उम्मीद हैं ण् बाल श्रम सबसे ज्यादा पढ़े लिखे लोगों के बनाए व्यवस्था और संरक्षण में चलते हैं ण् देश का 10 प्रतिशत से ज्यादा बाल श्रमिक बिहार से है और ग्रामीण क्षेत्र में 90 प्रतिशत से ज्यादा हैण् बाल श्रम के कारण बच्चों का बचपन होटलए दुकानोंए फैक्ट्री और ढ़ाबों पर काम करते हुए गुजर जाता है उसके सपने मर जाते हैंण् बिहार सरकारए राज्‍य को बाल श्रम मुक्‍त कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उक्‍त उदगार विजय कुमार सिन्हा माननीय मंत्री श्रम संसाधन विभागए बिहार सरकार ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर व्‍यक्‍त किएण्
आगे अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यदि राज्य के अन्दर कहीं भी बाल श्रमिक कार्य करता हुआ दिखाई दे तो राज्य सरकार द्वारा जारी किये गए नंबर ूींेजेंच नंबर 9471229133 पर इसकी सूचना दे सकते हैं । उन्होनें विश्वास दिलाया की शिकायतें मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। समाज में बाल श्रम करवाने वाले दोषी व्यक्तियों का बहिष्कृत करना चाहिए। उन्होनें सभी पदाधिकारियों से आगामी 06 माह में पटना जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया
बाल मजदूरी के प्रति विरोध एवं जगरूकता फैलाने के मकसद से पूरे विश्व में हर साल 12 जून को बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। इसी अवसर पर आज श्रम संसाधन विभाग और यूनिसेफ के द्वारा नेहरु युवा केंद्र के सहयोग से पटना के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ध्यान संस्थान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया ण् कार्यक्रम का उद्घाटन विजय कुमार सिन्हाए मंत्री श्रम संसाधन विभागए बिहार सरकार के द्वारा डा० सुभाष शर्माए विकास आयुक्तए बिहारए अतुल प्रसादए अपर मुख्य सचिवए समाज कल्याण विभागए दीपक कुमार सिंहए प्रधान सचिवए श्रम संसाधन विभागए के० सेंथिल कुमारए विशेष सचिवए श्रम ससांधन विभागए गोपाल मीणाए श्रमायुक्तए बिहारए धमेन्द्र सिंहए निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षणए प्रयास के महासचिव आमोद कंठए यूनिसेफ के कार्यक्रम प्रबंधकए शिवेंद्र पांड्या ए नेहरु युवा केंद्र की राज्य निदेशक डॉ ज्योत्सना कुमारी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थित में दीप प्रज्ज्वलित कर कियाण्
कार्यक्रम के दौरान ड्राफ्ट बिहार बाल एवं किशोर श्रम ;प्रतिषेध एवं विनियमनद्ध नियमावलीए 2019 का आम जनमानस के सुझावध्मंतव्य हेतु अनावरण किया गया ण् भारत सरकार ने संशोधित नियमावली के आधार पर राज्य ने इस मसौदे को तैयार किया हैण् १ महीने तक लोगों के सुझावध्फीडबैक के बाद इसे कैबिनेट को भेजा जायेगाण् इस दौरान मंत्री महोदय ने विभिन्न बालध्बालिका गृहों एवं विषेष प्रषिक्षण केन्द्रों में आवासित चित्रकारी प्रतियोगिता में सफल बच्चों के बीच पुरस्कार वितरण भी कियाण्
कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार द्वारा संचालित पटना जिले के विभिन्न बाल गृहों जैसे विशेष आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र बांकाए जमुईए गयाए पटना एवं किलकारी के बच्चों द्वारा बाल श्रम विषय पर एक नाटक का मंचन किया गया। विशेष आवासीय प्रशिक्षण केन्द्रए बाल श्रम से मुक्त करवाए गए बच्चों के पुनर्वास के लिए सरकार के द्वारा हाल ही में शुरू किया गया हैण् इस नाटक के माध्यम से बच्चों ने बाल श्रम के कुप्रभाव को दिखलाया और अपने सपनों के बारे में भी बतलाया ण् इस दौरान विभिन्न बाल गृहों एवं विशेष आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र के बच्चों के द्वारा की गई पेंटिग की प्रदर्शनी भी लगाईं गईण्
विकास आयुक्त डॉ सुभाष शर्मा ने कहा कि यह ख़ुशी की बात है की आज के कार्यक्रम में ऐसे बच्चों को जोड़ा गया है जो कभी बाल श्रम में लगे थेण् पूरे देश में अलग.अलग क्षेत्र है जो उद्योग धंधों के लिए मशहूर है इन सब में जो कॉमन है वो है बाल मजदूरीण् हमारे देश में 90 प्रतिशत उद्योग धंधे असंगठित और अनौपचारिक क्षेत्र में हैंण् अधिकांश औधोगिक इकाइयाँ पंजीकृत नहीं होती हैंण् उद्योगपतियों और नियोजकों का ये उद्देश्य होता है कि वो कैसे कम से कम लागत में अपना काम पूरा करवाए इस सोच से बाल श्रम को बढ़ावा मिलता है ण् जब तक नियोजकों के खिलाफ कानूनी करवाई नहीं होगी तब तक इस चक्र को तोड़ना मुश्किल होगाण् डॉ शर्मा ने राज्य में संचालित किये जा रहे बाल गृहों के नियमित निरीक्षण करने की सलाह दी और सभी से अनुरोध किया कि बिहार को बाल श्रम मुक्त बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें।
अपर मुख्य सचिवए समाज कल्याण विभाग अतुल प्रसाद ने बाल श्रम के बारे में बताते हुए कहा कि अगर हम बच्चे के सर्वोतम हित के अनुसार उसके दृष्टिकोण से सोचे तो हम सही से बाल श्रम को समझ पायेंगेण् हम सब की जागरूकता और संवेदनशीलता नहीं बदली हैण् सारे बाल श्रम गरीबी के कारण ही नही होते बल्कि कुछ मामलों में लालच के लिए भी बच्चों से मजदूरी करवाते हैण् कई बार निरिक्षण गृह के बच्चों से भी अपराध करवाएं जाते हैंण् सभी से अपील करते हुए उन्होंने कहा कहा इस महत्वपूर्ण यज्ञ में अपना योगदान दे ताकि बिहार को बाल श्रम से मुक्त कर सकेंण्
श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने अपने स्वागत संबोधन में कहा की बाल श्रम सिर्फ कानून से खत्म नहीं होगा बल्कि इसके सामाजिक और आर्थिक कारणों पर प्रहार करना होगाण्
कार्यक्रम के बारे में बताते हुए यूनिसेफ के कार्यक्रम प्रबंधक शिवेंद्र पंड्या ने कहा कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2019 का थीम है श्बच्चों को खेतों में काम नहीं करना चाहिए बल्कि अपने सपनो को पूरा करना चाहिएण् इस साल श्संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौताश् ;ब्वदअमदजपवद वद जीम त्पहीजे व िजीम ब्ीपसकद्ध की 30 वी वर्षगाठ हैप् संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समझौते के अनुच्छेद 32 में जोखिमपूर्ण अथवा पढ़ाई को बाधित करने वाले या सेहतए विकास को हानि पहुँचाने वाले कार्यों से बच्चे की सुरक्षा पर बल दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से बाल श्रम पर एक राज्य कार्य योजना बनाई गयी हैण् जिसके बेहतर कार्यान्वयन में यूनिसेफ सहयोग कर रहा है ण् उन्होंने बिहार सरकार और उन राज्यों के साथ एक समझौता ज्ञापन करने का प्रस्ताव दिया जहां अधिकांश किशोर या बाल श्रमिक जाते है और काम करते हैंण्
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञान देते हुए श्रम आयुक्त गोपाल मीणा ने कहा कि बाल श्रम से मुक्त करवाए गए बच्चों को ट्रैक करने के लिए यूनिसेफ के सहयोग से एक सॉफ्टवेर चाइल्ड लेबर ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया गया है जिसमें बच्चों के पुनर्वास पर नज़र रखी जाती हैण्
इस दौरान यूनिसेफ बिहार से बाल सुरक्षा विशेषज्ञ मंसूर कादरीए संचार विशेषज्ञए निपुण गुप्ताए बाल सुरक्षा पदाधिकारी गार्गी शाह के साथ ही सभी संबंधित विभागों जैसे श्रम संसाधन विभागए गृह विभाग.सीआईडी ;कमजोर प्रभागद्धए समाज कल्याण विभागए शिक्षा विभागए ग्रामीण विकास विभागए पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागए अल्पसंख्यक कल्याण विभागए कृषि और पंचायती राज विभाग के पदाधिकारियों ए बाल श्रम के क्षेत्र में काम करने वाली संस्‍थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में बाल श्रम के क्षेत्र में कार्य करने वाले गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधिए केन्द्रीय श्रम संगठनों के प्रतिनिधि एवं विभिन्न जिलों से आमंत्रित किये गये विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

छवजम जव म्कपजवत
बिहार में बाल श्रमरू आंकड़े और रुझानरू जनगणना 2011 के अनुसारए
ऽ 2011 की जनगणना के अनुसार सभी राज्यों के मुकाबले बिहार में बच्चों की जनसंख्या का अनुपात ;46ःद्ध हैए
ऽ बाल श्रम के रूप में लगे 5.14 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों में बिहार देश में तीसरे पायदान पर है
ऽ जनगणना 2011 के अनुसारए बिहार में बाल श्रमिको की संख्या 10ए88ए509 थी जबकि 2001 में यह संख्या 11ए17ए500 थी इसका अर्थ यह है की बाल श्रमिकों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
ऽ बिहार में 10ए88ए 509 बाल श्रमिकों में से 10ए01ए 351 ग्रामीण क्षेत्रों में है जबकि 87ए158 शहरी क्षेत्रों से हैं।
ऽ 2011 की जनगणना के अनुसारए भारत में 5 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों में 10ण्7ः बाल श्रमिक बिहार से हैं।

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