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नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर संसद से सड़क तक लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस

नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर संसद से सड़क तक लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस ने मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा करते हुए सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगाया। इसके चलते दोनों सदनों को कई बार स्थगित करने के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा। कांग्रेस और सत्तापक्ष के बीच ताजा गतिरोध से सरकार के विधायी और सुधारों के एजेंडे पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं।

इस मुद्दे पर कांग्रेस संसद से सड़क तक लड़ाई लड़ने का फैसला कर चुकी है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक रूप से सरकार से सीधे टकराव को तैयार है। इसे लेकर पूरे देश में आंदोलन को अंतिम रूप देने में जुटी है। अपनी लड़ाई को धारदार बनाने के लिए कांग्रेस अन्य दलों की मदद भी ले सकती है।

इंदिरा गांधी की बहू हूं, किसी से नहीं डरतीं: सोनिया गांधी
संसद में कांग्रेस की रणनीतिक समूह की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आक्रामक लहजे से यह जता दिया कि संसद के अंदर और बाहर पार्टी का रुख क्या रहेगा। उन्होंने कहा, ‘मैं इंदिरा गांधी की बहू हूं। मैं किसी से नहीं डरतीं।’

19 को पेशी
दिल्ली की अदालत ने सोनिया, राहुल और अन्य को नेशनल हेराल्ड मामले में मंगलवार को निजी पेशी से छूट दे दी। अब इन नेताओं को 19 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने को कहा गया है।

पीएम की चुनौती मंजूर
पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, इस लड़ाई की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। इस चुनौती को हम स्वीकार करते हैं। यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस और दिल्ली प्रदेश ने प्रदर्शन कर संसद से सड़क तक लड़ाई की शुरुआत कर दी है।

भाजपा के इशारे पर मुकदमा
पार्टी इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के कांग्रेस मुक्त भारत के नारे से जोड़कर देख रही है। पार्टी की दलील है कि सुब्रमण्यम स्वामी भाजपा नेतृत्व के इशारे पर गांधी परिवार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। इसलिए इसे सिर्फ नेशनल हेराल्ड से जुड़ी कानूनी लड़ाई नहीं माना जा सकता। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा कि सरकार प्रतिशोध की राजनीति कर रही है।