लॉकडाउन में फंसे एक परिवार का शासन व प्रशासन से है गुहार, मरीज को घर लाने में मिले सुविधा

 

◆ वेल्लोर के एक अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रेंट पर रह रहा है मरीज का परिवार

आमस (गया)
स्टार न्यूज़ टुडे-

कोरोना वायरस ने एक ओर जहां देश के कारोबारी, मज़दूर,किसान और छात्र आदि को मुश्किल में डाल दिया है वहीं गम्भीर बीमारियों का इलाज कराने दूसरे राज्य गए रोगी और उसके परिजन भी काफी परेशान हैं. लॉकडाउन के ऐसे हालात में उन्हें अनेकों प्रकार की कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है. ऐसा ही एक संगीन मामला प्रखंड क्षेत्र के अकौना पँचायत अंतर्गत कोरमथु गांव का है. अकौना पँचायत के पूर्व मुखिया हाजी खुर्शीद अहमद के बेटे ,बहु व अन्य रिशरेदार तमिलनाडु के वेल्लोर शहर में एक रोगी का इलाज कराने गए थे. श्री अहमद के छोटे पुत्र अमीन अहसन की पत्नी शबिस्ता जबीं का इलाज कराने गत 25 फरवरी को क्रिस्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर(तमिलनाडु)ले गए थे. इलाज के बाद 19 मार्च को सीएमसी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. इसके बाद घर आने के लिए कोरोमांडेल चेन्नई एक्सप्रेस से 24 मार्च का टिकट बुक करवाया था परन्तु अचानक सभी ट्रेन कैंसिल हो जाने के कारण घर नही आ सके. रोगी एवं परिवार के अन्य सदस्य के साथ वेल्लोर में मौजूद नदीम अख्तर ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी के बाद हमलोग किराए के कमरे में रह रहे हैं. लॉकडाउन होने के कारण काफी कठिनाइयां झेलनी पड़ रही है.बजहाज, ट्रेन व बस सभी बन्द होने के कारण घर जाने का कोई बंदोबस्त नही हो पा रहा है. एम्बुलेंस वाले भी तैयार नही हो रहे हैं क्योंकि कई राज्यों से होकर गुजरना है. काफी भावुक होकर अपनी स्थिति बयां करते हुए नदीम अख्तर ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण या आदेश के एम्बुलेंस वाले जाने को तैयार नही है. दूसरी तरफ लॉकडाउन के कारण जरूरी सामान भी काफी कठिनाई से मिल पा रहा है. रोगी के साथ दो पुरुष और दो महिलाएं भी है. इन सभी को गम्भीर रोग से ग्रसित मरीज की भी चिंता है जिसे इस समय काफी आराम और सुविधाओं की अतिआवश्यकता है. इधर कोरमथु गांव में रह रहे मरीज के परिवार वाले भी काफी घबराए हुए हैं. पूर्व मुखीया ख़ुर्शीद अहमद व प्रखंड के अन्य लोगों ने सरकार और गया जिला प्रशासन से इस मुसीबत की घड़ी में सहायता की गुहार लगाई है. श्री अहमद ने सरकार व प्रशासन से विनती किया है कि रोगी व अन्य लोगों के कष्ट को ध्यान में रखते हुए शीघ्र कोई हल निकाला जाए ताकि रोगी सकुशल सभी के साथ जल्द घर पहुंच जाएं