असहायों के लिए सहारा बने सोशल एक्टिविस्ट

असहायों

आमस: मंगलवार

देश में बढ़ते कोरोना कहर के कारण लॉकडाउन जारी है जिससे कामगारों की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। दिहाड़ी मजदूरों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। ऐसे में सोशल एक्टिविस्ट ही उनके लिए सहारा बनकर सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में द कबीर फाउंडेशन के तहत चलाये जा रहे लुक़मा कैम्पेन द्वारा बुधवार को प्रखण्ड के बैदा में साठ ज़रूरतममन्दों के बीच फूड पैकेज का वितरण किया गया। संस्था के चैयरमैन नज़मुद्दीन नजमी और डाइरेक्टर रेयान नजमी ने बताया कि बुधवार को बैदा में दिहाड़ी मजदूरों और असहायों के बीच चावल आटा दाल तेल प्याज आलू, और साबुन का वितरण किया गया। संस्था के चैयरमैन नज़मुद्दीन नजमी ने बताया कि शेरघाटी के शुमाली मोहल्ला, दलितटोला समेत विभिन्न इलाकों के सैंकडों गरीबों के बीच हमारी संस्था के द्वारा फूड पैकेज पहुंचाया गया है और आगे भी यह कैम्पेन जारी रहेगा। इधर सोशल एक्टिविस्ट सह जीविका कर्मी रश्मि कुमारी भी बीते एक सप्ताह से गरीबों के घर-घर जाकर राहत सामग्री का वितरण कर रही है। श्री रश्मि के द्वारा आमस के बभनडीह में चौदह तथा कोलसर के सत्रह गरीब असहाय के घर जाकर चावल और आलु दिया जा चुका है। उन्होंने ने बताया कि इस कोरोना जैसे महामारी में गरीबों को खाने के लाले पड़ रहे हैं। जो बेहद दुःखद है। इस पीड़ा को महससुस करते हुए मैने अपने पैसों से गरीब की मदद कर रही हूँ। गौरतलब है कि उन्होंने आमस के अलावा गुरुआ के नादियाँवा और तूफांगनज में भी बीस-बीस लोगों के बीच खाद्य सामग्री उपलब्ध करा चुकी है। वो कहती हैं कि अबतक एक सौ पिचहत्तर किलो चावल और पचास किलो आलू का वितरण किया जा चुका है। यह राहत कार्य आगे भी जारी रहेगा। इस ने काम में विजय सिंह और धर्मेंद्र कुमार ने भी उनका साथ दिया।