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‘दिल्ली के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार क्यों’

महिला सुरक्षा के मसले पर गंभीरता नहीं दिखाने के लिए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। हाईकोर्ट ने कहा  है कि ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार लोगों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के प्रति न तो गंभीर है और न ही जवाबदेह।

हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से जानना चाहा कि वह ‘दिल्ली के साथ सौतेली मां की तरह व्यवहार क्यों कर रहा है। हाईकोर्ट ने सरकार को यह भी बताने के लिए कहा है कि दिल्ली के लोग टैक्स भरते हैं तो क्या बदले में उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान करने की व्यवस्था है।

जस्टिस बी.डी. अहमद और संजीव सचदेवा की पीठ ने राजधानी में खासकर महिलाओं की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की नियुक्ति की मांग को लेकर दाखिल अर्जी पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी की। पीठ ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जब गृह मंत्रालय ने 14 हजार से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है तो इसके लिए पैसा जारी क्यों नहीं किया जा रहा है।

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 27 जनवरी तय करते हुए केंद्र को राजधानी में पुलिसिंग की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा कि पैसा आपकी जेब से नहीं जा रहा है। पीठ ने कहा कि ये दिल्ली के लोग हैं जो टैक्स भरते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा होनी चाहिए। पीठ ने कहा है कि गृह मंत्रालय ने जब अतिरिक्त पुलिस बल की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है तो वित्त मंत्रालय का का है कि इसके लिए पैसा दे।

हाईकोर्ट ने साफ शब्दों में केंद्र से कहा है कि धन नहीं होने का बहाना बनाकर पुलिस कर्मियों की नियुक्ति को टालने की बात को स्वीकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह लोगों की सुरक्षा का मसला है। हाईकोर्ट ने सरकार को जनसंख्या के अनुपात में कितनी पुलिस होने चाहिए, इसका ब्यौरा पेश करने का आदेश दिया है।