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कूड़े की अम्बार मे डूबा नबी करीम

कूड़े की अम्बार मे डूबा नबी करीम

नई दिल्ली: दिल्ली में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से दिल्लीवालों का बुरा हाल है. दिल्ली के पहाड़ गंज के नबी करीम क्षेत्र में जहां तहां कचरे की बदबू आ रही है. बकाया वेतन की मांग को लेकर एमसीडी के कर्मचारी कूड़ा उठाने को तैयार नहीं हैं. पूरी दिल्ली कूड़े के ढेर पर बैठी है. दिल्ली सरकार कह रही है कि हमने तो वेतन के पैसे दे दिए लेकिन बीजेपी भी जिम्मेदारी नहीं ले रही है. लेकिन इस लड़ाई में दिल्लीवाले पिस रहे हैं.

सफाई कर्मचारियों ने आज दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय के दफ्तर पर प्रदर्शन किया. विरोध में कूड़ा फेंकने से साथ पुतला भी फूंका कल एमसीडी कर्मचारियों ने सिसोदिया के दफ्तरपर कूड़ा फेंककर विरोध जताया था.

नगर निगम के एक लाख से ज़्यादा कर्मचारियों की हड़ताल का आज तीसरा दिन है. इस हड़ताल के चलते सड़कों से लेकर निगम के स्कूल अस्पतालों में असर दिखने लगा है. अपनी मांगों को लेकर एमसीडी कर्मचारियों ने गुरुवार को दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कैंप ऑफिस के बाहर पटपड़गंज में कूढ़े का ढेर लगाकर प्रदर्शन किया. इस हड़ताल में तीनों निगमों के सफाई कर्मचारी, शिक्षक, डॉक्टर सब शामिल हैं. दिल्ली के तीनों नगर निगमों के कुल सवा लाख कर्मचारी हैं जिनमें से करीब 60 हज़ार सफ़ाई कर्मचारी हैं. सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से ढलाव से ही नहीं बल्कि सड़कों और गलियों से भी कूड़ा उठना बंद हो गया है.

दिल्ली के तीनों नगर निगम अपने कर्मचारियों को तीन महीने से पैसा नहीं दे पा रहे. निगम का कहना है कि दिल्ली सरकार उसका फंड नहीं दे रही. जबकि, दिल्ली सरकार का दावा है कि उसने निगमों को पूरे पैसे दे दिये है. अगले साल निगम के चुनाव हैं. केजरीवाल ने तुरंत चुनाव कराने की मांग की है. केजरीवाल और बीजेपी फिर आमने-सामने है और बड़ी बात ये है कि पिछले एक साल में सफाई कर्मचारी चार बार हड़ताल की जा चुकी है. एमसीडी और सरकार के बीच जारी खीचतान जनता की परेशानी का सबब बन चुकी है.

आम आदमी के प्रवक्ता आशुतोष ने ट्वीट करके इसके लिए मोदी को जिम्मेदार ठहराया है तो वहीं दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का कहना है कि एमसीडी कर्मचारियों को पैसा केजरीवाल सरकार की जिम्मेदारी है.

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