कोरोना का खौफ और लोगों में जागरुकता 28 जून को ईन सब पे होगा गरमा गर्म बहस

बिहार (आर्यन सिन्हा ) लॉकडाउन के दौरान पूरे विश्व के लगभग सारे देश परेशान हो चुके हैं. भारत में इस महामारी से मरने वालों की संख्या भी काफी ज्यादा होती जा रही हैं. इस महामारी से बचने का फिलहाल एकमात्र उपाय हैं लोगों को जागरूक होना. वर्तमान समय में लोगों के दिमाग में सिर्फ और सिर्फ कोरोना की ही चिंता है। सरकार से लेकर आम जनता तक सभी इस संक्रमण से बचे रहने एवं दूसरों को बचाने के लिए आगे आये हुए हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं लोगों के द्वारा कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जानकारी के अभाव को दूर करने के लिए सभी अपने स्तर से हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में आर्यन ब्रदर्स के अध्यक्ष आर्यन सिन्हा द्वारा कोरोना के प्रति जागरूक करने एवं कोरोना के कारण घोषित लॉकडाउन के दौरान एवं बाद की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक परिचर्चा का आयोजन आगामी 28 जून को किया जाएगा। परिचर्चा का आयोजन गूगल मीट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन कराया जाएगा। इस बाबत जानकारी देते हुए आर्यन सिन्हा ने बताया कि इस परिचर्चा में मोटिवेशनल स्पीकर सह वैदिक ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के सहायक प्रोफेसर अमित चतुर्वेदी, डॉ.कोला डायरेक्टर (IQAC) प्रोफ. बायोटेक्नोलॉजी ऑफ कलिंगा यूनिवर्सिटी, एडवोकेट तेजस्वनी झारखंड हाई कोर्ट at आई.एम.एस लर्निंग रिसोर्स प्राइवेट.लिमिटिड रांची एवं डॉ. दीपा बिसवास एच.ओ.डी बॉटनी कलिंगा यूनिवर्सिटी द्वारा किया जायेगा. परिचर्चा का विषय ‘लॉकडाउन के बाद मानसिक स्वास्थ्य और स्थिरता’ है। परिचर्चा में सैकड़ों लोगों को सम्मिलित किया जाएगा जिसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही है। अभी से ही परिचर्चा के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लोगों से जुड़ने की अपील की जा रही है। परिचर्चा में हिस्सा लेने वाले लोग वक्ताओं से अपनी समस्या के बारे में चर्चा करेंगे एवं वक्ता हर संभव समस्याओं का निदान करने की कोशिश करेंगे। लॉकडाउन के दौरान उत्पन्न हो रही समस्या, बेरोजगारी, स्वास्थ्य संबंधित सवाल एवं लॉकडाउन के बाद होने वाली संभावित परेशानियों को लेकर विशेष रूप से चर्चा होगी।