जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में क्राइसिस मेनेजमेन्ट ग्रूप की हुई बैठक।

 

भारी वर्षापात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन एंव विभिन्न विभागों द्वाराकी जा रही तैयारयों का क्या गया समिक्षा

अब्दुल खालिक़ क़ासमी

मुजफ्फरपुर/जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की हुई बैठक। संभावित आपदा से निपटने हेतु की जा रही तैयारियों की गई समीक्षा बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक ,उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त ,सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्ता ,अपर समाहर्ता-आपदा, सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी और विभिन्न तकनीकी विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भारी वर्षापात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई एवं आपात स्थिति से निपटने हेतु महत्त्वपूर्ण दिशा- निर्देश दिए गए । निर्देश दिया गया कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी ,थानाध्यक्ष एवं प्रखंडों के अन्य पदाधिकारी भारी वर्षापात एवं संभावित बाढ़ के दृश्टिकोण से निष्क्रमण के लिए पूर्व से ही तैयार रहते हुए पर्याप्त संख्या में नावों की प्रतिनियुक्ति कर लें।कार्यपालक अभियंता गंडक,बूढ़ी गंडक,बागमती,जल निस्सरण को भी अलर्ट किया गया है।साथ ही आपदा की स्थिति में आम- जनों को राहत पहुंचाने के मद्देनजर जिले के एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को भी निर्देशित किया जा चुका है कि वे 24 * 7 तैयार रहें। संभावित आपदा को देखते हुए सिविल सर्जन मुजफ्फरपुर को निर्देशित किया गया है कि आपदा की स्थिति से निपटने के लिए अपने स्तर से डॉक्टरों और एंबुलेंस की प्रतिनियुक्ति दवाओं की उपलब्धता मोबाइल मेडिकल टीम/ पारा मेडिकल स्टाफ इत्यादि की प्रतिनियुक्ति करना सुनिश्चित करें। मुजफ्फरपुर नगर निगम, नगर पंचायत कांटी, मोतीपुर एवं साहेबगंज को निर्देशित किया गया है कि वे आपदा की स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी टीम का गठन कर लें ताकि जलजमाव की समस्या को तत्काल दूर किया जा सके। प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी भी अपने- अपने प्रखंडों में जलजमाव से निपटने के लिए प्रभावी व्यवस्था करना सुनिश्चित करेंगे। दोनों अनुमंडल पदाधिकारी उक्त कार्य का सतत अनुश्रवण करेंगे। नगर आयुक्त को निर्देशित किया गया है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण कार्य से संबंधित किए जा रहे हो कार्यों के क्रम में खोदे गए गड्ढों का मार्क करते हुए चारों तरफ सुरक्षा घेरा का निर्माण कराना सुनिश्चित करेंगे ।संभावित आपदा को देखते हुए अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग ,यातायात उपाधीक्षक, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी को भी अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है।