तुर्की से डॉक्ट्रेट की डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय बने काबिज़ मोहम्मद

 

तुर्की भाषा में हासिल की है डिप्लोमा, मास्टर और डॉक्ट्रेट की डिग्री

आमस

मन संकल्पित, तन दृढ़ संकल्पित हो तो हर काम आसान हो जाता है। इस कथन को चरितार्थ किया है आमस के हमज़ापुर निवासी स्वर्गीय तौफ़ीक़ अहमद के पुत्र सय्यद क़ाबिज़ मोहम्मद ने। क़ाबिज़ ने यूरोप महादेश के तुर्की देश के सबसे प्रतिष्ठित हैकटेक यूनिवर्सिटी से डॉक्ट्रेट की डिग्री हासिल कर देश का मान बढ़ाया है। हमज़ापुर के रिटायर्ड व शिक्षाविद हाजी ज़हीर अनवर बताते हैं कि सय्यद क़ाबिज़ मोहम्मद उर्फ प्रिंस का जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है। काफी कम उम्र में सिर से पिता का साया उठ जाने के बावजूद प्रिंस ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। वर्ष 2004 में अनुग्रह नारायण सह उच्च विद्यालय सुग्गी से मैट्रिक तथा एसएमएसजी कॉलेज से इंटर करने के बाद हैदराबाद के रुख किया। जहाँ उसने रसियन भाषा में स्नातक डिग्री हासिल की। उसी दौरान अपने प्रतिभा के बल पर तुर्की सरकार द्वारा मास्टर और पीएचडी की शिक्षा हासिल करने के लिए दी जाने वाली स्कॉलरशिल प्राप्त कर हेक्टेक यूनिवर्सिटी में दाखिला ली। बता दें कि ऐसा करने वाले क़ाबिज़ पहले भारतीय है। उन्होंने दूरभाष पर बात करते हुए इसका पूरा श्रेय अपने बड़े भाई सुहैल अख़्तर को दिया और कहा कि पिता की मृत्यु के बाद तमाम आर्थिक परेशानियों के बावजूद उच्च शिक्षा हासिल करने में कोई अड़चन नहीं आने दी। प्रिंस कि इस उपलब्धि पर माँ मोसर्रत खातून भाई सुहैल अख़्तर, ज़ाकिर हुसैन, अनवर हुसैन सोनी, आबिद हुसैन सहित परिवार से सभी सदस्य को गर्व है। क़ाबिज़ के बड़ी कामयाबी पर स्थानीय विधायक डॉ विनोद प्रसाद यादव, एसडीओ उपेन्द्र पंडित, आमस बीडीओ रमेश कुमार सिंह, थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, मशहूर शायर नावक़ हमज़ापुरी, जन अधिकार पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उमैर उर्फ टिक्का खान, राजद नेता वसीम अकरम, कांग्रेसी नेता क़मर खान, जदयू नेता वारिस अली खान, सामाजिक कार्यकर्ता इमरान अली, मसरूर आलम, आबिद सेराज अंसारी, आबिद ईमाम सहित प्रिंस करीबी साथी मनव्वर हुसैन, शादाब अनवर, जीशान आफरीदी, नौख़ेज़ अकरम, सय्यद ख़ुर्रम, शौकत अली, अशफ़ाक़ शिबलु, आज़म सिकंदर आदि ने बधाई दिया है।