*बरही गांव में पुलिस की एक पक्षीय कार्रवाई से दहशत का माहौलः नजरे आलम*

    *साम्प्रदायिक हिंसा के बहाने पुलिस एक ही पक्ष के लोगों की कर रही है पिटाईः बेदारी कारवां* *23 अगस्त को बरही गांव का दौरा करेंगे बेदारी कारवां के अध्यक्ष* दरभंगा-(मोहम्मद शादाब अंजुम) पिछले दिनों 18 अगस्त, 2020 को दरभंगा जिला के केवटी विधानसभा क्षेत्र के बरही गांव में साम्प्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। मामला पुलिस तक पहुंचा और पुलिस प्रशासन ने शांति बहाल करने के लिए दोनों पक्षों को आपस में बैठकर मामला हल करने को कहा। इसी बीच 20 अगस्त 2020 को दोबारा असामाजिक तत्वों ने फिर से हिंसा भड़का दिया जिसमें दोनों पक्षों के कुछ लोग जख्मी हुए हैं। कल जैसे ही दोबारा हिंसा भड़की बरही गांव को बाहरी लोगों ने चारों तरफ से घेर लिया और बाहरी कुछ लोगों के द्वारा ही फायरिंग भी की जा रही थी। लेकिन उसे खदेड़ने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हुई, इसी का फायदा उठाकर उपद्रवियों ने एक ही परिवार के 5 लोगों को बुरी तरह से पीट कर जख्मी कर दिया जिसका इलाज तक नहीं हो पा रहा है। पुलिस ने मोर्चा जरूर संभाला लेकिन एक पक्षीय कार्रवाई भी पुलिस ने शुरू कर दी और साथ ही इलाज के लिए जख्मी लोगों को ले जाने के क्रम में पुलिस लाठी भी चला रही है और बेकसूरों को गिरफ़्तार भी कर रही है। गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है, बहुत सारे लोग जान बचाने के चक्कर में गांव भी छोड़ चुके हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस प्रशासन दंगाईयों को काबु में करने में नाकाम हो चुकी है। उक्त बातें आॅल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष श्री नजरे आलम ने कही। श्री आलम ने बताया कि सिर्फ दो व्यक्ति के चक्कर में दोनों समुदाय के गरीब लोग मार खा रहे हैं और इलाके में तनाव बना हुआ है, मैंने प्रशासन को दोनों व्यक्ति का नाम लिखित में दिया हुआ है लेकिन फिर भी पुलिस ने उसे अबतक गिरफतार नहीं किया है। श्री आलम ने यह भी कहा कि कल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक मैंने इस मामले की सूचना दी तब भी जिला प्रशासन शांति स्थापित करने में नाकाम नजर आ रही है। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधिकारी आम जनता का फोन तक नहीं उठाते हैं, कैसे हालात पर काबु पाया जा सकेगा, कैसे मजलूमों को न्याय मिल पायगा। जिन बाहरी लोगों ने जिनमें नारियल टोला और बिनवारा बिरखौली के लोग शामिल थे उसपर पुलिस ने कोई कार्रवाई अबतक नहीं की है और उलटे मुस्लिम मुहल्ले पोखर टोला एवं उत्तरवारी टोला के लोगों की पुलिस पिटाई कर रही है और गिरफतारी भी। श्री आलम ने बताया कि इन दिनों सिटी एसपी के अलावा दरभंगा में कोई ऐसा पदाधिकारी नहीं है जिनका फोन उठता हो। पुलिस की एक पक्षीय कार्रवाई से पूरे गांव के लोग दहशत में हैं। बहुत सारे लोगों ने बताया कि जख्मी लोगों को पुलिस इलाज के लिए भी हस्पताल नहीं ले जाने दे रही है। सिर्फ ऐसा मुस्लिम मुहल्ले वालों के साथ ही किया जा रहा है अगर कोई व्यक्ति घर से निकला तो या तो उसकी पिटाई की जा रही या फिर गिरफतार कर लिया जा रहा है। नजरे आलम ने यह भी बताया कि हालात जानने और दोनों समुदाय के लोगों से मिलकर बातचीत कर शांति बहाल करने के लिए 23 अगस्त को बरही गांव जाउंगा जिसकी लिखित सुचना दरभंगा जिलाधिकारी एवं सदर अनुमंडल पदाधिकारी को दे दिया गया है। कुछ जगहों पर पुलिस घर में घुसकर भी पिटाई किया है और महिलाओं के साथ भी बदसुलूकी की गी है। श्री आलम ने दरभंगा पुलिस से अपील करते हुए कहा कि जो दो व्यक्ति का नाम दिया गया है उसकी अविलंब गिरफ्तारी कर बरही गांव में शांति बहाल करे और साथ ही जिस समुदाय के भी लोग हों जो साम्प्रदायिक हिंसा में शामिल थे उसकी भी गिरफ्तारी शिघ्र की जाए लेकिन एक पक्षीय नहीं हो और ना ही बेकसूरों को पुलिस के द्वारा पीटाई जाए। दोनों पक्ष के जिम्मेदरों की एक बैठक जल्द से जल्द प्रशासन की मौजूदगी में बुलाकर इस मामले को खत्म कराया जाए, समाज में अमन शांति स्थापित करना बेहद जरूरी है ताकि लोग भय के माहौल से निकल सके।