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राहुल गांधी की ‘ब्रिटिश नागरिकता’ पर LS की एथिक्स कमेटी का नोटिस

राहुल गांधी की ‘ब्रिटिश नागरिकता’ पर LS की एथिक्स कमेटी का नोटिस

नई दिल्ली : राहुल गांधी की नागरिकता का विवाद बढ़ सकता है. लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा है. एथिक्स कमेटी ने राहुल गांधी को नोटिस भेजकर पूछा है कि क्या उन्होंने कभी खुद को ब्रिटेन का नागरिक बताया था. इस मामले को सबसे पहले बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उठाया था.

स्वामी के साथ बीजेपी सांसद महेश गिरी भी इस मामले को उठा चुके हैं. जिसके बाद नागरिकता विवाद को एथिक्स कमेटी को भेजा गया था. लालकृष्ण आडवाणी इस कमेटी के अध्यक्ष हैं. गौरतलब है कि राहलु गांधी की नागरिकता विवाद में ब्रिटेन की कंपनीज हाउस ने सफाई दी थी कि हो सकता है कि गलती से राहुल की नागरिकता के आगे ब्रिटिश लिख गया हो.

लेकिन, सुब्रमण्यम स्वामी के आरोपों की जब आपके चैनल एबीपी न्यूज ने नवंबर 2015 में पड़ताल की तो पता चला कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन की कंपनी की जानकारी चुनाव आयोग से छिपाई थी. देखिए 17 नवंबर को दिखाई गई रिपोर्ट. राहुल गांधी ने ब्रिटेन में 2003 में बैकॉप्स नाम की कंपनी शुरू की थी.

2004 में भी वो इस कंपनी में डायरेक्ट थे, और साल 2004 में ही उन्होंने अमेठी से लोकसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन इसकी जानकारी उन्होंने चुनाव आयोग को नहीं दी थी. सुब्रमण्यम स्वामी के इस दावे की पड़ताल के लिए एबीपी न्यूज ने 2004 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के दिए हलफनामे की जांच की.

इस हलफनामे में कहीं भी बैकॉप्स कंपनी का जिक्र नहीं था. यानी सुब्रमण्यम स्वामी का ये दावा सही साबित होता है. इससे पहले आपके चैनल ने सुब्रमण्यम स्वामी के दावे की पड़ताल के लिए ब्रिटिश कंपनी के दस्तावेज खंगाले थे. ब्रिटिश कंपनी के 2003 और 2004 के दस्तावेज में राहुल गांधी भारतीय नागरिक थे, जबकि 2005 और 2006 के दस्तावेज में राहुल की नागरिकता के आगे ब्रिटिश लिखा हुआ था.

सुब्रमण्यम स्वामी के दावे को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस से सफाई मांगी है. कांग्रेस अब भी राहुल गांधी के बचाव में है. कांग्रेस सुब्रमण्यम स्वामी के आरोपों को झूठा बता रही है. अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यूके सरकार के कंपनीज हाउस ने कहा है कि हो सकता है कि राहुल गांधी को गलती से ब्रिटिश नागरिक बताया गया होगा.

ब्रिटेन में कंपनीज हाउस की हैसियत वही है जो भारत में रजिस्टार ऑफ कंपनीज की है. कांग्रेस भले ही राहुल पर सुब्रमण्यम के आरोपों को दुष्प्रचार बता रही है. लेकिन, इस सवाल का जवाब कांग्रेस के पास अब भी नहीं है कि जब 2004 में राहुल ब्रिटिश कंपनी में हिस्सेदार थे, तो उसकी जानकारी उन्होंने चुनाव आयोग से क्यों छिपाई थी.(एबीपी न्यूज)