पूर्ण पुनर्वास में 44 घरों और 15 दुकानों का  पुनर्निर्माण और  70 रोजगार बहाली परियोजनाएं भी शामिल हैं

 

नई दिल्ली: (प्रेस विज्ञप्ति ) फरवरी के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में हुए  दंगों ने शिव विहार, खजूरी खास, मुस्तफाबाद समेत  उत्तर-पूर्वी दिल्ली के अन्य इलाकों में सैकड़ों परिवारों को भय, निराशा ,संकट और बेरोजगारी के दलदल में ला कर खड़ा कर दिया । दंगाइयों  ने आगजनी और रक्तपात के खेल में  लाखों की संपत्तियों को नष्ट कर दिया, लूटपाट का शर्मनाक खेल खेला, घरों , दुकानों में आग लगा दी, शिक्षण संस्थानों तक को नहीं बख्शा स्कूलों को जला दिया और धार्मिक स्थलों  को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। इन दंगों में 53 लोगों की जान चली गई। दर्जनों घरो के चिराग बुझ गए , लेकिन अच्छी बात यह रही कि   उपद्रवियों की नापाक कोशिश को  मानवतावादियों ने विफल कर दिया ।

 

दंगों के तुरंत बाद, सरकारी एजेंसियां और विभिन्न सामाजिक संगठन प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आए, उसी में से एक नाम है  ‘विजन 2026’  यह संस्था देश के प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन  ‘ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन’ के तहत काम करती है , इसने  पीड़ितों के चेहरे पर ख़ुशी लाने के लिए पहल की है और पिछले छह महीनों से प्रभावित इलाकों में  काम कर रही है। संगठन ने पहले नुकसान जानने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का घर घर सर्वेक्षण किया और फिर जमीनी हकीकतों के मद्देनजर पुनर्वास योजना तैय्यार की।  साथी संगठनों का साथ लिया , इस काम में ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट (HWT), मेडिकल सर्विस सोसाइटी (MSS) और दी वीमेन एजुकेशन एंड एम्पावरमेंट ट्रस्ट  (TWEET) ने तुरंत स्थिति का नोटिस लिया  और प्रभावित क्षेत्रों में  दर्जनों राहत शिविर लगाए , हजारों  की संख्या में  राशन बांटे और  परेशान लोगों को राहत प्रदान करने का ज़िम्मा उठाया, दंगे में हुए घायलों के इलाज के लिए  मेडिकल कैंप  लगाए। विज़न 2026 ने प्रभावित परिवारों का  सर्वेक्षण शुरू किया और तत्काल राहत प्रदान करने के बाद उनके  पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दिया था ।

 

यही कारण है कि आज विजन 2026 दिल्ली के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में पूर्ण पुनर्वास, क्षतिग्रस्त मकानों और दुकानों की मरम्मत और पीड़ितों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए उनको रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।  परियोजना के पहले चरण में अब तक 160 से अधिक परिवारों का पुनर्वास किया जा चुका है। क्षतिग्रस्त मकानों और दुकानों की मरम्मत, आर्थिक सहायता के माध्यम से पीड़ितों को रोज़गार से जोड़ने का काम , विधवाओं और उनके अनाथ बच्चों की शिक्षा और घर के खर्च  के लिए वजीफा , विशेष मामलों में पूरे परिवार को गोद लेकर उनकी पूरी मदद का ज़िम्मा लेना शामिल है ।

 

इस पुनर्वास योजना में ‘विजन 2026’ ने  70 से अधिक प्रोजेक्ट शुरू किए है जिसमें रोजगार बहाली परियोजनाएं  भी शामिल है।अब तक  15 दुकानों की मरम्मत की गई है, साथ ही दुकान में बिक्री के लिए सामान दिए गए है। छतिग्रस्त चालीस घरों को फिर से बनाया है। 15 जरूरतमंद छात्रों और  33 अनाथ बच्चों को छात्रवृत्ति और प्रभावित क्षेत्रों में 12 विधवाओं को पेंशन प्रदान की गई है। गौरतलब है कि रोजगार बहाल करने के लिए पीड़ितों को मोटरसाइकिल, साइकिल, ई-रिक्शा, सिलाई मशीन, ठेला  दिया गया ।  दंगों में गंभीर रूप से घायल 9 लोगों का जामिया  नगर के  अल-शिफा हॉस्पिटल में मुफ्त इलाज चल रहा है। उपरोक्त रिपोर्ट से पता चलता है कि वास्तव में, ‘विजन 2026’  का  प्रयास  सराहनीय है। विज़न का मानना है कि पूर्ण पुनर्वास केवल तभी संभव है जब पीड़ितों का रोजगार बहाल हो। अब तक कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और अगले चरण में बाकी  परियोजनाएं  भी मुकम्मल  हो जाएंगी। यह सच है कि लोगों का सतत विकास तभी संभव है, जब उन्हें तत्काल सहायता प्रदान करने के साथ साथ शिक्षा और रोजगार से जोड़ दिया जाए और  ‘विजन 2026’ इस दिशा में अग्रसर है ।