वित्तरहित शिक्षकों को अनुदान नहीं वेतनमान दे बिहार सरकार: पप्पू यादव

पटना, 2 सितम्बर: शिक्षक देश के निर्माता हैं. लालू प्रसाद यादव से लेकर नीतीश कुमार तक सभी ने शिक्षकों को ठगा हैं. आज देश का निर्माता भूखा है. यह सरकार संवेदनहीन है. मैं वित्तरहित कर्मियों के लिए अनुदान नहीं वेतनमान की मांग करता हूँ. उक्त बातें जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने वित्तरहित कर्मियों के द्वारा गांधी मैदान में आयोजित मार्च को सम्बोधित करते हुए कही.

वित्तरहित शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए पप्पू यादव ने आगे कहा की सरकार की गलत नीतियों के कारण वित्तरहित शिक्षक सहित सभी वित्तरहित कर्मियों की हालत बहुत ही खराब है. जाप वित्तरहित कर्मियों की सभी मांगों के साथ है और इनके आन्दोलन का हमारा पूरा समर्थन है.

पप्पू यादव ने आगे कहा कि वित्तरहित शिक्षा नीति के कारण हजारों की संख्या में शिक्षक इसका शिकार बने है. दशकों से बिना मानदेय के ये लोग अपनी ड्यूटी पर जा रहे हैं. आलम यह है की कई वित्तरहित कर्मी इलाज के अभाव में अपना दम तोड़ दिया है. कई सालों से सरकार इनकी मांगों को कुचलती रही है. सरकार इन्हें बंधुआ मजदूर समझती है.

पप्पू यादव ने बिहार सरकार से वित्तरहित कर्मियों के लिए वेतनमान की मांग करते हुए कहा की जबतक सरकार इनकी मांगे नहीं मानती है तब तक हमलोग इस आन्दोलन को जारी रखेंगे. “अनुदान नहीं वेतनमान चाहिए” इस मांग के साथ गांधी मैदान में डिग्री, इंटर और माध्यमिक के हजारों कर्मियों ने इस आन्दोलन में भाग लिया.