महाराष्ट्र के वर्धा जिले में पिछले हफ्ते जिस 24 वर्षीय महिला टीचर को जिंदा जलाया गया था उसने जिंदगी के लिए लबें संघर्ष के बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया

सौ:हिंदुस्तान लाइव

महाराष्ट्र के वर्धा जिले में पिछले हफ्ते जिस 24 वर्षीय महिला टीचर को जिंदा जलाया गया था उसने जिंदगी के लिए लबें संघर्ष के बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया। नागपुर हॉस्टपीटल के डॉक्टरों ने इस बात की जानकार दी, जहां पर उस टीचर को बुरी तरह जलने के बाद इलाज किया जा रहा था।

आरोपी ने 25 वर्षीय शिक्षिका अंकिता पिसुडे पर सोमवार को कॉलेज जाते समय पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। महिला को पहले नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे नागपुर स्थित ऑरेंज सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भेज गया था।

पुलिस ने आरापी युवका को गिरफ्तार कर लिया था। जांच अधिकारी प्रतिभा दुधबाले ने कहा कि हिंगनघाट शहर में यह घटना सोमवार को सुबह लगभग सात बजे उस वक्त हुई, जब एक निजी कॉलेज में अध्यापन के लिए जा रही पीड़िता नांदेरी चौक पर बस से उतरी। घटना कॉलेज से लगभग 100 मीटर की दूरी पर हुई।

वर्धा की पुलिस अधीक्षक बसवराज तेली ने आईएएनएस से कहा, “हमने घटना के तुरंत बाद 27 वषीर्य आरोपी विक्की नागरे को पकड़ लिया। उन्होंने आगे कहा, “वह और पीड़िता एक ही गांव दारोदा के रहने वाले हैं। 25 वषीर्य पीड़िता पास के ही मातोश्री आशाताई कुंवर कॉलेज में पार्टटाइम लेक्चरर के रूप में पढ़ाती थीं।

वर्धा पुलिस के अनुसार, पीड़िता 40 प्रतिशत झुलस गई और उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। उसकी छाती और पीठ के अलावा उसका चेहरा पूरी तरह से झुलस गया था। डॉक्टरों को ऐसा लग रहा था कि कि यदि वह बच भी जाती तो भविष्य में कुछ भी अपनी आंखों से नहीं देख पाएगी। एक जांचकर्ता ने कहा कि पिछले तीन-चार महीनों से आरोपी पीड़िता का पीछा कर रहा था, लेकिन वह उसके अनुरोध को ठुकरा रही थी।

जांच अधिकारी ने कहा, “वे एक ही बस में सफर करते थे और तीन महीने पहले बस में ही एक बार दोनों के बीच तीखी तकरार हुई थी। उसके बाद महिला ने अपने परिजनों को इस बारे में जानकारी दी और उन्होंने पीड़िता को चतुराई से मामले से निपटने की सलाह दी थी।”