विकास दुबे कांड में पकड़े गए खूंखार अपराधियों ने किए बड़े खुलासे सच सुनकर उड़े पुलिस के होश

कानपुर से जियाऊद्दीन अहमद अली सिद्दीक की रिपोर्ट विकास दुबे की हनक से प्रभावित होकर अतुल दुबे का बेटा वितुल दहशतगर्द विकास की गैंग में शामिल हुआ था। इसके बाद वह अपराध करने लगा था। इसका खुलासा रिमांड पर लिए गए विकास के गुर्गों ने किया। पुलिस ने विवेचना के दौरान उसका नाम बढ़ाया था डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है बिकरू गांव निवासी अतुल का बेटा वितुल दुबे पढ़ाई में अव्वल था
वह अपनी मां ज्योति, भाई नकुल व बहन दिक्षा के साथ बैरी बागपुर स्थित अपने ननिहाल में रहता था। विकास दुबे का गैंग शामिल करने से पहले वह कल्याणपुर में किराए का मकान लेकर बच्चों को कोचिंग पढ़ाकर अपना खर्च चलता था। रिमांड पर लिए गए विकास के गुर्गों ने पुलिस को बताया कि वह अक्सर बिकरू गांव आता था। हमउम्र होने के चलते उसकी प्रभात से अच्छी दोस्ती हो गई थी
गांव में आते जाते वक्त वह विकास दुबे का रहन सहन और रूतबा देखा करता था। जहां उसका नाम आता कोई कुछ नही बोलता। प्रभात विकास दुबे के नाम पर ही इलाके में धौंस जमाता था। इसके चलते वह विकास दुबे की हनक से काफी प्रभावित हो गया था। इसके चलते वह प्रभात केे जरिए विकास दुबे की गैंग में शामिल हो गया था। 30 जून को विकास के अन्य गुर्गों संग वह भी अमर दुबे की शादी में शमिल हुआ था
जहां सबने डीजे पर जमकर डांस किया था। वारदात के दिन वह भी गांव आया था। इसके बाद वह प्रभात के साथ स्कार्पियों से घुमने चला गया था। देर शाम वापस आने के बाद वह प्रभात केसाथ उसके घर चला गया था। घटना की रात विकास के बुलावे पर वह प्रभात के साथ विकास के घर गया था। जहां उसके पिता अतुल दुबे पहले से मौजूद थे।  यहां विकास ने उसे भी तमंचा देकर पुलिस टीम पर फायर करने की बात कही थी
इसके बाद प्रभात के साथ उसने छत पर खड़े होकर पुलिस टीम पर गोलियां बरसाई थीं। वारदात के बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने विवेचना के दौरान उसको आरोपी बनाकर 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया था। इसके बाद से डीआईजी प्रीतिंदर सिंह ने वितुल को बिकरू कांड में शामिल होने पर जिले के टॉप 10 अपराधी में शामिल कर लिया था। फिलहाल वितुल पुलिस की गिरफ्त से दूर है जिसकी तलाश में एसटीएफ के अलावा पुलिस की कई टीमें लगी हैं