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विकास पुरुष श्री नीतीश कुमार बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में साबित हुए विनाश पुरुष: नजरे आलम

विकास पुरुष श्री नीतीश कुमार बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में साबित हुए विनाश पुरुष: नजरे आलम
विकास पुरुष श्री नीतीश कुमार बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में साबित हुए विनाश पुरुष: नजरे आलम
नीतीश राज में प्राइमरी से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक की शिक्षा का हो चुका शर्वनासः बेदारी कारवाँ
दरभंगा-19.01.2018/ बिहार को नई ऊँचाई तक ले जाने का काम अगर सही मायनों किसी मुख्यमंत्री ने किया है तो उनका नाम है नीतीश कुमार। इनकी लोकप्रियता इन बातों से भी साबित होती है कि प्रदेश की जनता अब भी इनसे उम्मीद लगाए बैठी है। जाहिर है उम्मीद तो उसी से होती है जिन्होंने ने प्रदेश को बहुत कुछ दिया हो। मैं कहना नहीं चाहता था फिर भी यह बताते हुए अपार दुख हो रहा है कि जिस विकास पुरुष का लोहा पूरे प्रदेश के साथ देश भी मानता हो उनके ही शासनकाल में प्राइमरी से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक की शिक्षा का शर्वनास हो चुका है। हमारे प्रदेश की जमीनी हकीकत तो यह है कि मध्यम वर्ग के लोग भी अब अपने बच्चों का राज्य के सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं करवाते। वजह कभी वैकल्पिक प्रयोग, कभी रिजल्ट पर रोक, कभी टाॅपर  घोटाले तो कभी अत्यंत खराब रिजल्ट। यही वजह कर बच्चे अपनी आगे की पढ़ाई प्लान के साथ नहीं कर पा रहे हैं।
          ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम ने प्रेस ब्यान में कहा कि हमारे माननीय मुख्यमंत्री को नया नया रोग लगा है। यह निश्चय और विकास यात्रा पर चल पङे हैं। बेशक आप जाईए आपका हक है पर किया आपके मेनिफेस्टो में शिक्षा पर कुछ भी नहीं है। महोदय इधर भी तो एक नजर कर दीजिए। शराब बंदी के बाद आपने मानव श्रृंखला करवाया करोङो खर्च के साथ बहुतों की जाने भी गईं। इसपर आपका कोई ध्यान क्यों नहीं जाता?
          महोदय आप यह भी नहीं  समझना चाहते कि ऐसे श्रृंखला से प्रदेश और देश को किया मिलता है। दहेज़ बंदी जो संविधान ने ही बंद कर रखा है उसे एक नया आयाम देकर आप इधर कुछ महिनों से उलझ गए हैं।  किया मिलेगा प्रदेश को इन सबसे। वो तो अच्छा हुआ के 21 जनवरी 2018 के मानव श्रृंखला पर पटना हाईकोर्ट ने कहा कि जो शामिल होना चाहे हों और जो नहीं होना चाहें नहीं हों। किया मिलता है मुख्यमंत्री जी आपको यह सब करके। आप क्यों अपने विकास के विजन से भटक रहे हैं।…..दुख होता है।
           मुख्यमंत्री जी एक बार बस एक बार शिक्षा की तरफ अपनी निगाह किजिए, इस सिस्टम को ठीक किजिए और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद कीजिए। दुख तब और बढ़ जाता है जब आप जैसा विजन वाल मुख्यमंत्री भी शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के आदेश की अंदेखी करता हुआ हाईकोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करता है।……दुख होता है।
          महोदय अंत में ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ आपसे यह माँग करता है कि हमें वही नीतीश कुमार चाहिए जो शुरुआत में हमने देखा था। सर्वांगीण विकास वाला नीतीश कुमार। हमें यह ड्रामाबाज़ नीतीश कुमार कतई नहीं चाहिए। हर इंसान की जिंदगी में मांसिक असंतुलन का दौर आता है अगर ऐसा है तो आप सत्ता छोङ दीजिए, मध्यावती चुनाव का दरवाज़ा खुला है। जनता अपने लिए पहले जैसा नीतीश कुमार खुद चुन लेगी!