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सात वर्षीय गज़ाला बख्तियार ने रखी रमज़ानुल मुबारक की पच्चीसवां रोज़ा।

सात वर्षीय गज़ाला बख्तियार ने रखी रमज़ानुल मुबारक की पच्चीसवां रोज़ा।
बेगूसराय.ब्यूरो चीफ(मो.कौनैन अली):नन्हीं सी जान 7 वर्षीय गजाला बख्तियार रमजानपुर बेगूसराय की मो अब्बास की पोती मो मुरशिद की बड़ी बेटी माहे रमजान का अलविदा जुमा का  पच्चीसवां रोज़ा रखकर दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणा का श्रोत बन गयी है।
एक तरफ भीषण गर्मी,लू बरसाते आकाश ने आम आदमी को जीना मुहाल कर दिया है, हर कोई ठंढे छांव की तलाश में नजर आते हैं।स्कूल, के संचालन के लिए उमस भरी धूप के कारण ग्रीष्मावकाश की छुट्टी हो गया है।लेकिन आस्था श्रद्धा तथा सुसंस्कार के सामने सबकुछ गौण हो जाते हैं।यही कारण है कि जहां आम मुसलमानों में धर्म के प्रति आस्था एवं प्रतिबद्धता के कारण नन्हीं सी जान को भी रोजा रहने को विवश करता है तो दूसरे तरफ ऐसे भी कुछ युवा लोग नजर आते हैं जिसे रमजान की रोजे की कुछ अहमियत नहीं है।गुनगुन की रोजे की खबर पाकर उनके शिक्षक,परिजन तथा रिश्तेदार और इलाके के लोगों ने नेक दुआओं से नवाजा है।
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