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हेडलाइन: रहमानी प्रोग्राम ऑफ एक्सीलेंस  के छात्र व छात्राओं ने JEE-41, AIIMS-2, JIPMER-1 में उल्लेखनीय सफलता।

हेडलाइन: रहमानी प्रोग्राम ऑफ एक्सीलेंस  के छात्र व छात्राओं ने JEE-41, AIIMS-2, JIPMER-1 में उल्लेखनीय सफलता।

सब-हेडिंग: JEE-MAINS में 92% छात्र सफल, मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में 100% सफल, JEE-Advance में 41, AIIMS में 2 और JIPMER में 1.


पटना 18 जून 2019रहमानी प्रोग्राम ऑफ एक्सीलेंस, जिसे रहमानी 30 के रूप में भी जाना जाता है, ने एक बार फिर से दुनिया की सबसे कठिन स्नातक प्रवेश परीक्षा, आईआईटी एडवांस परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल की है। रहमानी 30 के 109 छात्रों में से 41 इस साल सफल रहे। ध्यान दें कि JEE MAINS में 143 में से 92% या 132 छात्र सफल हुए थे। आश्चर्यजनक रूप से महिला बैच के सभी छात्र इस परीक्षा में सफल रहे, सिवाय एक के। NEET “मेडिकल” में 100% सफलता प्राप्त कर रहमानी 30 ने अपने आप को एक उत्कृष्ट संस्था के तौर पर स्थापित कर लिया है । 100% NEET परिणाम के अपने अंतिम वर्ष के परिणाम  दोहरा कर और उच्च 550 प्लस स्कोर वाले छात्रों की संख्या में काफी वृद्धि, एवं न केवल AIIMS की सफलता को दोहराया बल्कि अपनी सफलता की सूची में JIPMER को भी जोड़ा।

रहमानी 30 छात्रों ने निम्न शीर्ष रैंक IIT-JEE Advance में हासिल किया है:

टॉप AIR रैंक: 1531, 1954, 2460, 2491, 3233, 4974, 6107, 6133, 7428, 7731, 8055

शीर्ष श्रेणी रैंक: 96, 698, 781, 1370, 1480, 1742, 1935, 1982, 2157, 2824, 2859, 2864, 2972, 3002, 3351, 3368, 3396, 3503-3594, 3655, 5874, 7349, 7423

आईआईटी एडवांस परीक्षा जो कि आईआईटी द्वारा स्वयं संचालित किया जाता है, मैं वही विद्यार्थी भाग ले सकते हैं जिन्होंने जेईई मेंस में सफलता प्राप्त की हो|

आईआईटी भारत में नंबर एक रैंक वाला इंजीनियरिंग संस्थान है और इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के हिस्से के रूप में वर्गीकृत किया गया है। INI श्रेणी की स्थापना भारतीय संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई थी, ताकि भारतीय नवाचार की निरंतर सफलता के लिए महत्वपूर्ण शैक्षिक संगठनों की हर संभावित सहायता की जा सके। प्रत्येक वर्ष लाखों छात्र इन शैक्षणिक संगठनों में स्नातक स्तर पर कुछ हजार सीटों के लिए आवेदन करते हैं। सफल छात्र विश्व स्तर की शिक्षा, बेहतरीन शोध सुविधाओं, व्यावहारिक रूप से मुफ्त या अत्यधिक रियायती शुल्क संरचनाओं पर अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान के अवसरों का आनंद लेते हैं।

रहमानी फाउंडेशन  सफलतापूर्वक शैक्षणिक निराशा को  दूर कर रहा है| हजरत अमीर-ए-शरीयत मौलाना मोहम्मद वाली रहमानी, जो इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के संस्थापक हैं, इस सफलता का श्रेय  श्री. अभयानंद जी (पूर्व डीजीपी बिहार) के मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास एवं प्रबंधन और कर्मचारियों के परिश्रम को देते हैं| उनका यह भी मानना है कि ऐसे परिणाम छात्रों एवं परिजनों की भागीदारी के  बिना असंभव है। विशेष कर तब जब रहमानी30 का एजुकेशनल मॉडल आम शिक्षा विधि से बहुत अलग है जो कि छात्रों को सोचने और सीखने के लिए तैयार करता है।